सभी राज्यों को एमएसपी पर कपास की खरीद सबसे पहले करने का सुझाव

03-Oct-2025 12:20 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय ने देश के सभी प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के नियमों के अनुरूप किसानों से रुई का निर्बाध खरीद सुनिश्चित करने की जरुरत पर जोर दिया है ताकि उत्पादकों को मूल्य समर्थन योजना का  पूरा फायदा मिल सके, सही समय पर उसे अपने उत्पादों के मूल्य का भुगतान प्राप्त हो सके और डिजिटल पद्यति से रुई की खरीद की जा सके। 
देश के प्रमुख रुई उत्पादक राज्यों-गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, राजस्थान, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु एवं उड़ीसा में रुई के नए माल की तुड़ाई तैयारी का सीजन 1 अक्टूबर 2025 से औपचारिक तौर पर  आरम्भ हो चुका है। पिछले दिन इन उत्पादक राज्यों तथा सरकारी एजेंसी भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के वरिष्ठ पदाधिकारियो के साथ एक मीटिंग में केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय में सचिव  ने कहा है कि कपास उत्पादकों को हर हाल में मूल्य समर्थन योजना का फायदा मिलना चाहिए। प्रमुख मंडियों में नई रुई की आवक आरम्भ हो चुकी है या शीघ्र ही शुरू होने वाली है और वहां इसकी कीमते एमएसपी से नीचे चल रही है। 
कपास को एक महत्वपूर्ण क्षेत्र मानते हुए कपड़ा मंत्रालय ने कहा है कि यह देश में लाखो किसानो एवं उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख श्रोत है और इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है किसानो से इसकी निर्बाध खरीद के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक ठोस रणनीति बनाए जाने की आवश्यकता है। मीटिंग के दौरान स्पष्ट दिशा निर्देश तैयार किए गए और राज्यों से इस पर पूरी तरह अमल करने का आग्रह किया गया। 
उपलब्ध आकड़ो के अनुसार देश उपरोक्त सभी 11 कपास उत्पादक राज्यों में रुई की सरकारी खरीद के लिए इस बार रिकॉर्ड 550 क्रय केन्द्रो को क्रियाशील किया गया है ताकि किसानो को अपना उत्पाद बेचने के लिए दूर न जाना पड़े। कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) भी 589 रूपए बढ़ाकर मध्यम रेशे वाली श्रेणी के लिए 7510 रूपए प्रति क्विंटल तथा लम्बे रेशे वाली किस्मो के लिए 8110 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राष्ट्रिय स्तर पर कपास का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 113 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 110 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जबकि कहीं-कहीं बाढ़ वर्षा से फसल को नुकसान भी  हुआ है। शेष क्षेत्रो में फसल की हालत अच्छी बताई जा रही है।