सीजन की पहली तिमाही में 55 लाख टन सरसों की जोरदार आवक
02-Jun-2026 01:02 PM
जयपुर। थोक मंडी भाव सरकारी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा होने के कारण सरसों उत्पादक किसानों को इस वर्ष शानदार आमदनी प्राप्त हो रही है इसलिए वे अपने स्टॉक की बिक्री में काफी दिलचस्पी और सक्रियता दिखा रहे हैं। ऊंचे दाम के बावजूद सरसों की खरीद में व्यापारियों एवं तेल मिलर्स का उत्साह बरकरार है।
जयपुर (राजस्थान) के चांदपोल की अनाज मंडी में अवस्थित प्रसिद्ध एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठान- मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के प्रबंध निदेशक अनिल चतर द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान रबी मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही यानी मार्च-मई 2026 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर थोक मंडियों में 54.50 लाख टन तथा सरकारी क्रय केन्द्रों पर 50 हजार टन के साथ कुल 55 लाख टन सरसों की विशाल आवक हुई। प्राइवेट मंडियों में मार्च में 19 लाख टन तथा अप्रैल में 20 लाख टन सरसों का स्टॉक पहुंचा जबकि मई में थोक मंडियों में 15.50 लाख टन तथा सरकारी क्रय केन्द्रों पर 50 हजार टन के साथ 16 लाख टन सरसों की आपूर्ति होने का अनुमान लगाया गया है।
सीजन के आरंभ में 2 लाख टन सरसों का पिछला स्टॉक था जबकि चालू सीजन में 114.25 लाख टन के उत्पादन के साथ इसकी कुल उपलब्धता 116.25 लाख टन पर पहुंची। इसमें से 55 लाख टन की आवक होने के बाद किसानों के पास 61.25 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ है। सरकारी एजेंसियों के पास 50 हजार टन का स्टॉक उपलब्ध है क्योंकि पुराने स्टॉक की बिक्री पहले ही हो चुकी थी।
तिमाही के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर 44 लाख टन सरसों की क्रशिंग होने का अनुमान है। इसके तहत मार्च में 15 लाख टन, अप्रैल में 16 लाख टन तथा मई में 13 लाख टन की क्रशिंग शामिल है।
इस तरह व्यापारियों / स्टॉकिस्टों एवं मिलर्स / प्रोसेसर्स के पास 12.50 लाख टन, किसानों के पास 61.25 लाख टन तथा सरकारी एजेंसियों के पास 50 हजार टन के साथ देश में 1 जून 2026 को कुल 74.25 लाख टन सरसों का स्टॉक उपलब्ध होने का अनुमान लगाया गया है। मिलर्स / व्यापारियों के स्टॉक में पिछला माल भी शामिल है।
