सीमा शुल्क में कटौती के बाद खाद्य तेलों का दाम घटना शुरू

12-Jun-2025 01:11 PM

मुम्बई। मई के अंतिम दिनों में सरकार द्वारा क्रूड खाद्य तेलों पर मूल आयात शुल्क में भारी कटौती किए जाने का असर अब घरेलू बाजार पर दिखना आरंभ हो गया है। खाद्य तेल कंपनियों ने अपने उत्पादों का दाम घटाकर आम उपभोक्ताओं तक शुल्क कटौती का लाभ पहुंचाना शुरू कर दिया है। उद्योग समीक्षकों के अनुसार अगले कुछ सप्ताहों में खाद्य तेलों के खुदरा मूल्य में 5-7 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है। 

मदर डेयरी ने अपने 'धारा' ब्रांड के सोयाबीन तेल के उच्चतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती कर दी है जबकि सूरजमुखी तेल का बिक्री मूल्य 5 रुपए प्रति लीटर घटा दिया गया है। इसके एमआरपी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। खाद्य तेल कंपनियों के वरीष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आगामी समय में कीमतों में 5-7 प्रतिशत की कमी आ सकती है। मालूम हो कि केन्द्र सरकार ने 30 मई 2025 को क्रूड श्रेणी के पाम तेल, सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल पर मूल आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत नियत कर दिया था जिससे इस पर कुल प्रभावी सीमा शुल्क भी 27.5 प्रतिशत से घटकर 16.5 प्रतिशत रह गया है। इससे क्रूड खाद्य तेलों का आयात सस्ता बैठ रहा है। सरकार ने घरेलू बाजार में खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने हेतु सीमा शुल्क में कटौती का निर्णय लिया था। 

11 जून को खाद्य मंत्रालय द्वारा आयोजित एक मीटिंग में खाद्य तेल उद्योग ने कहा था कि शुल्क कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही इसके खुदरा मूल्य में गिरावट आने का संकेत मिलने लगेगा। विदेशों से आयातित खाद्य तेलों के खर्च में जितनी कमी आएगी उसके अनुपात में ही वितरकों को कम दाम पर इसकी आपूर्ति की जाएगी और इसके एमआरपी को घटाया जाएगा। इस मीटिंग में खाद्य तेल उद्योग के संघों-संगठनों से कहा गया कि वे अपने सदस्यों को शुल्क कटौती की अनुरूप खाद्य तेल का दाम घटाने के लिए आग्रह करे। खाद्य मंत्रालय साप्ताहिक आधार पर कीमतों का आंकलन करेगा और इसमें शुल्क कटौती का असर स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए। वैश्विक बाजार में भी विभिन्न खाद्य तेलों का भाव काफी हद तक स्थिर बना हुआ है।