सीमित आपूर्ति एवं अच्छी मांग से चना के भाव में सुधार के संकेत

13-Jan-2026 02:58 PM

नई दिल्ली। त्यौहारी मांग निकलने तथा आपूर्ति का ऑफ सीजन जारी रहने से चना के दाम में सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले दो सप्ताहों से चना का भाव धीरे-धीरे बढ़कर अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के करीब पहुंचने की कोशिश कर रहा है।

आपूर्ति की स्थिति जटिल होने के कारण गत दो सप्ताह के दौरान चना की कीमतों में 225-300 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी आ गई। आगे भी भाव मजबूत रहने की उम्मीद की जा रही है।

एक अग्रणी व्यापारिक संस्था- इंडिया पल्सेस एन ग्रेन्स एसोसिएशन (आइपीजीए) के सचिव का कहना है कि चना में अच्छी त्यौहारी मांग निकल रही है।

उत्पादकों एवं व्यापारियों के पास चना का जो स्टॉक बचा हुआ है वह अच्छी क्वालिटी का नहीं है और इसलिए उसकी खरीद में कम दिलचस्पी दिखाई जा रही है। इस बीच पीली मटर का दाम भी मजबूत हो गया है जिससे चना की मांग को समर्थन मिल रहा है।

एसोसिएशन की साप्ताहिक समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि घरेलू तथा आयातित चना के दाम में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी दर्ज की गई। तीसरा सप्ताह 10 जनवरी को समाप्त हुआ है। व्यापारियों एवं दाल मिलर्स / प्रोसेसर्स की नियमित मांग से चना की कीमतों को मजबूती मिल रही है।

विदेशों से आयातित चना का दाम भी कुछ ऊंचा हुआ है। इधर घरेलू प्रभाग में प्रमुख मंडियों में नई फसल की कटाई-तैयारी शुरू होने से पूर्व चना की आवक कम हो रही है और इसकी आपूर्ति की स्थिति जटिल देखी जा रही है। 

2025-26 सीजन के दौरान चना का बेहतर उत्पादन होने की संभावना को देखते हुए भारतीय आयातक आगामी महीनों के शिपमेंट के लिए ऑस्ट्रेलिया एवं अफ्रीकी देशों से चना का आयात अनुबंध करने में सावधानी दिखा रहे हैं। पिछले मार्केटिंग सीजन की तुलना में इस बार ऑस्ट्रेलिया से चना का आयात 6 प्रतिशत घटकर 3.89 लाख टन सिमट गया है। 

समीक्षकों के मुताबिक चना का भाव एमएसपी के आसपास ही एक निश्चित सीमा में धूमते रहने की संभावना है। आगामी मार्केटिंग सीजन में चना की खरीद के लिए सरकार की रणनीति भी बाजार पर असर डालेगी।

चना का एमएसपी इस बार 5875 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। 10 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान चना का औसत मंडी भाव 5417 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो 5650 रुपए प्रति क्विंटल के एमएसपी से कुछ नीचे था।