सुनिश्चित खरीद के जरिए होगा दलहन उत्पादन बढ़ाने का प्रयास
03-Feb-2025 07:47 PM
नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने आगामी कम से कम चार वर्षों तक किसानों से उड़द, तुवर एवं मसूर की सम्पूर्ण विपणन योग्य मात्रा की खरीद जारी रखने की घोषणा की है तकि उत्पादकों को इसका उत्पादन बढ़ाने का समुचित प्रोत्साहन मिल सके।
इसके लिए किसानों को दो केन्द्रीय एजेंसियों- भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (नैफेड) तथा राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के पास अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और इसके बाद वे सरकारी क्रय केन्द्रों पर जितना दलहन लाएंगे उसकी पूरी खरीद इन एजेंसियों द्वारा की जाएगी। दलहनों कि यह खरीद केन्द्र सरकार द्वारा घोषणा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि घरेलू उत्पादन कम होने से आपूर्ति एवं उपलब्धता में गिरावट आने के कारण भारत को विदेशों से विशाल मात्रा में दलहनों का आयात करना पड़ रहा है जिस पर विशाल बहुमूल्य विदेशी मुद्रा खर्च हो रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 के शुरूआती नौ महीनों में यानी अप्रैल-दिसम्बर 2024 के दौरान भारत में दलहनों का आयात खर्च उछलकर 3.78 अरब डॉलर पर पहुंच गया जो वर्ष 2023 की समान अवधि के आयात खर्च 2.46 अरब डॉलर से 53 प्रतिशत अधिक रहा।
जहां तक दलहनों के आयात की मात्रा का सवाल है तो यह उछलकर बहुत ऊपर पहुंच गई। कैलेंडर वर्ष 2024 की सम्पूर्ण अवधि में यानी जनवरी-दिसम्बर के दौरान देश में दलहनों का कुल आयात उछलकर 66.33 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गया जो वर्ष 2023 के सकल आयात 33.07 लाख टन के दोगुने से भी ज्यादा रहा।
वर्ष 2024 में करीब 270 लाख टन दलहनों की खपत हुई जिसमें आयातित साल की हिस्सेदारी 24.57 प्रतिशत दर्ज की गई।
सरकार इन आंकड़ों से काफी चिंतित है। वह देश को दाल-दलहन के उत्पादन से पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना चाहती है मगर उसकी नीतियां इसके अनुकूल नहीं है। वर्तमान समय में पांच प्रमुख दलहनों- तुवर, उड़द, मसूर, देसी चना तथा पीली मटर मुक्त आयात हो रहा है।
