साओ पाउलो में लगी भयंकर आग से ब्राजील में चीनी का उत्पादन प्रभावित होने की संभावना

10-Sep-2024 11:14 AM

साओ पाउलो । लैटिन अमरीकी देश- ब्राजील में 90 प्रतिशत चीनी का उत्पादन मध्य दक्षिणी क्षेत्र में होता है और वहां अवस्थित साओ पाउलो इसका सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।

दुनिया में चीनी के सबसे प्रमुख उत्पादक  एवं निर्यातक देश- ब्राजील में लगभग 60 प्रतिशत चीनी का उत्पादन अकेले साओ पाउलो प्रान्त में होता है मगर वहां शुष्क एवं गर्म मौसम के साथ-साथ जंगलों में लगी भीषण आग से गन्ना की फसल झुलसने लगी है। आग का दायरा फैलते हुए गन्ना के खेतों तक पहुंच चुका है और इस पर काबू पाने का प्रयास विफल होता जा रहा है। 

ब्राजील के गन्ना उत्पादक संगठन- ओरप्लाना के अनुसार इस भयंकर आग की वजह से साओ पाउलो प्रान्त में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में गन्ना की फसल प्रभावित हुई है जो राज्य में गन्ना के कुल उत्पादन क्षेत्र का करीब 2 प्रतिशत है।

उल्लेखनीय है कि वहां गन्ना की फसल पहले से ही अत्यन्त ऊंचे तापमान तथा भयंकर सूखे की वजह से क्षतिग्रस्त हो रही थी।

इन प्राकृतिक आपदाओं के प्रकोप से वहां करीब 80 करोड़ रियाल मूल्य के गन्ना की फसल बर्बाद होने की आशंका है। इसके अलावा जहां फसल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई है इसकी क्वालिटी बहुत खराब है और उसमें चीनी (सुक्रोज) की औसत रिकवरी दर काफी नीचे रहने की संभावना है।

जंगल की इस आग से गन्ना की अगली फसल पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है जिससे 2025-26 के सीजन में भी वहां चीनी एवं एथनॉल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

एक बार रोपाई होने के बाद वहां गन्ना की फसल पांच साल तक की जाती है और उसके बाद ही दोबारा रोपाई की आवश्यकता पड़ती है।

एक अग्रणी परामर्श फर्म ने ब्राजील के मध्य दक्षिणी क्षेत्र में चीनी का उत्पादन अनुमान 400 लाख टन से घटाकर 393 लाख टन निर्धारित कर दिया है।

2023-24 सीजन की तुलना में 2024-24 सीजन के दौरान इस क्षेत्र में गन्ना की पैदावार में 9.4 प्रतिशत तथा चीनी के उत्पादन में 7.4 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना व्यक्त की गई है।