सीओओ जारी करने का दायरा बढ़ाए जाने से निर्यातकों को मिलेगी राहत
29-Jan-2025 06:09 PM
नई दिल्ली । निर्यातकों के लिए प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा कारोबारी दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक पद्धति से मूल उद्गम प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजीन या सीओओ) जारी करने की प्रणाली को अपग्रेड कर दिया है। इससे निर्यातकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
यह दस्तावेज मुक्त व्यापार संधि के तहत शुल्क में छूट का दावा करने के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे यह साबित हो जाएगा कि निर्यात वाला उत्पाद मूल रूप से कहां का है।
इस उन्नत मंच (उपाय) से अनेक फायदे हो सकते हैं। सामान को अनेक उपयोगकर्ता तक पहुंचाने में इससे मदद मिलेगी और निर्यातकों को एक ही आयातक-निर्यातक कोड (आईईसी) के सहारे विभिन्न उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने उन्नत मूल उद्गम प्रमाण पत्र 2.0 की शुरुआत की है। यह सिस्टम सर्टिफिकेट जारी करने की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।
जनवरी 2025 से इस प्लेटफार्म के जरिए गैर प्रिफेरेंशियल उद्गम प्रमाण पत्र की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग अनिवार्य हो गई है।
इससे 7000 से अधिक प्रमाण पत्रों को रोजाना मुख्यधारा के तहत प्रोसेस करना आसान हो जाएगा और साथ ही साथ पारदर्शिता तथा सटीकता भी सुनिश्चित हो सकेगी।
वाणिज्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि यह नया सिस्टम निर्यातकों के लिए समय की बचत और उसे प्रमाण पत्र प्राप्त करने लिए लम्बा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
