साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
23-Aug-2025 07:29 PM
सीमित मांग के कारण चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। त्यौहारी सीजन का समय बरकरार रहने के बावजूद चीनी की मांग एवं कीमत में मजबूती का अभाव देखा जा रहा है। मानसूनी वर्षा एवं तापमान में कमी के कारण आइसक्रीम एवं लोकल कोल्ड ड्रिंक्स के निर्माण उद्योग में चीनी की मांग कमजोर पड़ गई है। अनेक क्षेत्रों में बाढ़ वर्षा से भी चीनी की खपत पर असर पड़ रहा है।
कोटा
अगस्त माह के लिए जारी चीनी के कोटे को बेचने की विवशता होने से मिलर्स दाम घटाकर अपने उत्पाद की बिक्री कर रहे हैं। जिससे हाजिर बाजार मूल्य पर भी असर पड़ रहा है।
मिल डिलीवरी भाव
16 से 22 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 रुपए तथा पंजाब में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई जबकि मध्य प्रदेश एवं बिहार में 10-10 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। इन क्षेत्रों की मिलों में चीनी का भाव 3920/4220 रुपए प्रति क्विंटल के बीच रहा। गुजरात में भी चीनी का मिल डिलीवरी मूल्य कमजोर पड़ गया।
हाजिर भाव
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 60 रुपए घटकर 4300/4360 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया मगर इंदौर में 10 रुपए सुधरकर 4250/4350 रुपए तथा कोलकाता में 10-30 रुपए बढ़कर 4350/4450 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। छत्तीसगढ़ के रायपुर में चीनी का हाजिर बाजार भाव 4300/4375 रुपए प्रति क्विंटल पर लगभग स्थिर बना रहा।
मुम्बई
मुम्बई (वाशी) मार्केट में भी 4010/4210 रुपए प्रति क्विंटल के मूल्य स्तर पर कोई बदलाव नहीं देखा गया। चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3960/4160 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर स्थिर रहा।
टेंडर
चीनी के टेंडर मूल्य में भी कोई ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। महाराष्ट्र में टेंडर मूल्य 3885/4060 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 3970/3995 रुपए प्रति क्विंटल रहा।
भाव
चीनी का भाव फिलहाल काफी हद तक स्थिर देखा जा रहा है। अगले महीने से विहरपक्ष शुरू होने वाला है और उसके बाद नवरात्रि आरंभ हो जाएगी। अक्टूबर में गन्ना क्रशिंग का नया मार्केटिंग सीजन शुरू होगा जबकि उद्योग के पास स्टॉक कम है। इससे चीनी की कीमतों में आगे सुधार आने के आसार हैं।
