साप्ताहिक समीक्षा- चीनी
10-Jan-2026 07:48 PM
कमजोर कारोबार के कारण चीनी के दाम में नरमी जारी
नई दिल्ली। पिछले दो-तीन सप्ताहों से चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य एवं हाजिर बाजार भाव पर लगातार दबाव देखा जा रहा है। मिलों के पास बेचने के लिए चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और खुले बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई हैं जबकि दूसरी ओर इसकी मांग कमजोर देखी जा रही है। खरीदार चीनी की लिवाली में कोई जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि जनवरी 2026 के लिए 22 लाख टन चीनी का जो फ्री सेल कोटा जारी किया गया है वह उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र पर भारी पड़ रहा है।
मिल डिलीवरी भाव
3 से 9 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य में पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार में 40-40 रुपए प्रति क्विंटल, पंजाब में 20 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 10 रुपए तथा गुजरात में 10 से 60 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई।
हाजिर भाव
हालांकि चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 4400/4450 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 3975/4050 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर स्थिर बना रहा लेकिन रायपुर में 20 रुपए गिरकर 3920/4000 रुपए प्रति क्विंटल मुम्बई (वाशी) में भी 20 रुपए गिरकर 3750/3890 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोलकाता में 75-80 रुपए घटकर 4125/4400 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 20 रुपए की गिरावट के साथ 3700/3840 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
टेंडर
चीनी का टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में 20-25 रुपए प्रति क्विंटल सुधर गया मगर कर्नाटक में 80 रुपए प्रति क्विंटल तक नीचे लुढ़क गया।
मांग
उम्मीद की जा रही है कि मकर संक्रांति एवं पोंगल पर्व के कारण चीनी की मांग एवं कीमत में कुछ वृद्धि होगी लेकिन यह बढ़ोत्तरी सीमित रह सकती है क्योंकि बाजार में इसका भरपूर स्टॉक उपलब्ध है।
खपत
मकर संक्रांति के बाद जब लग्नसरा का सीजन शुरू होगा तब चीनी की खपत बढ़ोत्तरी हो सकती है। फिलहाल औद्योगिक मांग काफी कमजोर रहने से चीनी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। चीनी का उत्पादन बढ़ रहा है।
