साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

31-Aug-2024 01:52 PM

त्यौहारी सीजन की मांग का अभाव होने से चीनी बाजार में सामान्य उतार-चढ़ाव   

नई दिल्ली । केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने सितम्बर के लिए 23.50 लाख टन चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा निर्धारित किया है जो अगस्त के कोटे से 1.50 लाख टन ज्यादा मगर जुलाई के कोटे से 50 हजार टन कम है। उद्योग-व्यापार समीक्षक सितम्बर माह के इस कोटे को सही मान रहे हैं क्योंकि मांग एवं खपत की तुलना में यह कोटा न तो बहुत ज्यादा है और न ही काफी कम। इस बीच त्यौहारी सीजन की जोरदार मांग नहीं निकलने तथा माह का अंतिम सप्ताह होने से 24-30 अगस्त के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी मूल्य एवं हाजिर बाजार भाव में भारी तेजी-मंदी नहीं देखी गई। 

मिल डिलीवरी भाव 

आलोच्य सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 रुपए, मध्य प्रदेश में 10 रुपए एवं विहार में 86 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया जबकि पंजाब में 20 रुपए नरम रहा। गुजरात में भी इसमें थोड़ी मंदी देखी गई।

हाजिर भाव  

हाजिर बाजार में चीनी का दाम नरम या स्थिर रहा। दिल्ली में यह 80 रुपए घटकर 4060/4180 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 20 रुपए गिरकर 3910/4010 रुपए प्रति क्विंटल रह गया जबकि छत्तीसगढ़ के रायपुर में 3970/4050 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा।    

मुम्बई 

मुम्बई (वाशी) में क्वालिटी के अनुरूप चीनी का दाम 3740 से 3940 रुपए प्रति क्विंटल के तीन तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3690/3890 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। लेकिन महाराष्ट्र में चीनी के टेंडर मूल्य में 35 से 85 रुपए प्रति क्विंटल तक की अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई जबकि कर्नाटक में टेंडर भाव 15-20 रुपए नरम रहा। 

कोटा 

जल्दी ही चीनी में अच्छी मांग निकलने की उम्मीद की जा रही है जबकि इसका फ्रीसेल कोटा भी बहुत विशाल नहीं है। हालांकि सरकार चीनी के दाम को नियंत्रण में रखने का भरपूर प्रयास कर रही है मगर त्यौहारी सीजन में अक्सर भाव ऊंचा हो जाता है।