साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

01-Feb-2025 07:55 PM

निर्यात खुलने से चीनी का भाव मजबूत  

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार द्वारा 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दिए जाने के निर्णय का घरेलू बाजार मूल्य पर सकारात्मक असर देखा जा रहा है। मिलर्स निर्यातकों को ऊंचे दाम पर चीनी बेचना चाहते हैं और इसलिए फैक्टरी रेट को नीचे नहीं आने देना चाहते हैं। इस बीच सरकार ने फरवरी 2025 के लिए 22.50 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा घोषित कर दिया है जो संभावित मांग एवं आपूर्ति की दृष्टि से लगभग संतुलित प्रतीत होता है। चीनी का घरेलू उत्पादन गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है इसलिए मिलर्स पर विशाल स्टॉक का दबाव भी नहीं है। 25 से 31 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान आमतौर पर हाजिर एवं मिल डिलीवरी मूल्य में कुछ सुधार दर्ज किया गया। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 150 रुपए तथा बिहार में 30 रुपए प्रति क्विंटल ऊंचा रहा। पंजाब में यह 30 रुपए नीचे आया जबकि मध्य प्रदेश में पुराने स्तर पर स्थिर रहा। गुजरात में चीनी के मिल डिलीवरी भाव में 50 से 140 रुपए प्रति क्विंटल तक का उछाल आया। 
हाजिर भाव 
इसी तरह चीनी के हाजिर बाजार मूल्य में 30-40 रुपए की वृद्धि हुई। इसका मूल्य दिल्ली में 30 रुपए सुधरकर 4250/4400 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 40 रुपए बढ़कर 4040/4140 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर रायपुर में 20 रुपए गिरकर 3940/4050 रुपए रह गया। 
मुम्बई 
मुम्बई (वाशी) मार्केट में चीनी का दाम  3750/3950 रुपए प्रति क्विंटल तथा नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य 3700/3900 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा लेकिन चीनी का टेंडर मूल्य महाराष्ट्र में 10 से 75 रुपए तक तेज होकर 3640/3810 रुपए प्रति क्विंटल तथा कर्नाटक में 20 से 65 रुपए तक बढ़कर 3650/3750 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। कोलकाता में हाजिर भाव नरम रहा। 
कोटा 
नया फ्री सेल कोटा आने के बावजूद चीनी का भाव घटने की संभावना बहुत कम है। वैश्विक बाजार में भाव मजबूती की ओर बढ़ रहा है। ब्राजील की मुद्रा मजबूत हो रही है जिससे उसकी चीनी विदेशी खरीदारों के लिए महंगाई हो जाएगी। इधर थाईलैंड में चीनी के उत्पादन अनुमान में एक विश्लेषक फर्म ने 8 लाख टन की कटौती कर दी है। स्वयं भारत में उत्पादन घट रहा है।