साप्ताहिक समीक्षा-चीनी
15-Mar-2025 08:21 PM
सामान्य कारोबार के बीच चीनी के दाम में स्थिरता
नई दिल्ली। होली त्योहार की गहमा गहमी, इस्मा द्वारा उत्पादन अनुमान में की गई कटौती एवं 10 लाख टन के निर्यात की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद 8 से 94 मार्च वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी भाव तथा हाजिर बाजार मूल्य में काफी हद तक स्थिरता देखी गई।
मिल डिलीवरी भाव
हालांकि समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 रुपए एवं बिहार में 10 रुपए सुधरा और गुजरात में भी इसमें 10-20 रुपए का सुधार आया मगर पंजाब में यह 60 रुपए नरम पड़ गया। सभी उत्पादक राज्यों में चीनी का प्लांट डिलीवरी भाव सरकार द्वारा निर्धारित एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य से ऊंचा चल रहा है।
हाजिर भाव
जहां तक हाजिर बाजार भाव का सवाल है तो दिल्ली में चीनी का मूल्य 50 रुपए गिरकर 4300/4400 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया मगर इंदौर में 10 रुपए सुधरकर 4170/4270 रुपए प्रति क्विंटल हो गया जबकि रायपुर में यह 4250/4325 रुपए प्रति क्विंटल तथा मुम्बई (वाशी) में 3930/4130 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य में भी 3880/4080 रुपए प्रति क्विंटल पर कोई उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया। कोलकाता में भाव 20 रुपए प्रति क्विंटल सुधर गया।
टेंडर
चीनी का टेंडर महाराष्ट्र में 40-50 रुपए के सुधार के साथ 3750/3950 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर कर्नाटक में 3785/4000 रुपए प्रति क्विंटल पर लगभग स्थिर बना रहा।
भाव
घरेलू बाजार भाव ऊंचा होने से मिलर्स निर्यात उद्देश्य के लिए चीनी का अनुबंध करने से हिचक रहे हैं। अभी तक 10 लाख टन के कुल आवंटित निर्यात कोटे में से करीब 6 लाख टन चीनी का निर्यात अनुबंध हो सका है और इसमें से मिलर्स द्वारा करीब 2.50 लाख टन की आपूर्ति कर दी गई है।
कोटा
मार्च के लिए चीनी की घरेलू बिक्री (फ्रीसेल) का कोटा भी सामान्य है इसलिए माइल्स पर अपने कोटे की बिक्री का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं है। चीनी की घरेलू मांग बढ़ने लगी है क्योंकि इसकी औद्योगिक खपत में बढ़ोत्तरी होने के संकेत मिल रहे हैं। इस्मा ने चीनी का उत्पादन घटकर 264 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया है जो पिछले सीजन में 319 लाख टन आंका आया था।
