साप्ताहिक समीक्षा-चीनी

03-May-2025 07:34 PM

नए कोटे के स्वागत में चीनी का भाव मजबूत  

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने चालू माह (मई) के लिए 23.50 लाख टन चीनी का घरेलू फ्री सेल कोटा नियत किया है जो अप्रैल के कोटे के बराबर मगर मई 2024 के निर्धारित कोटे 27 लाख टन टन से साढ़े तीन लाख टन कम है। इस नए कोटे की प्रतिक्रिया में 26 अप्रैल से 2 मई वाले सप्ताह के दौरान चीनी के मिल डिलीवरी भाव एवं हाजिर बाजार मूल्य में 10 से 60 रुपए प्रति क्विंटल तक की मजबूती दर्ज की गई। 
मिल डिलीवरी भाव 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान चीनी का मिल डिलीवरी भाव पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 रुपए, बिहार में 20 रुपए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में 25-25 रुपए तथा पंजाब में 60 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया जबकि गुजरात में भी इसमें 15 से 25 रुपए तक की तेजी दर्ज की गई।
हाजिर भाव 
चीनी का हाजिर बाजार भाव दिल्ली में 50 रुपए बढ़कर 4350/4450 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 40 रुपए सुधरकर 4200/4300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर रायपुर में 35 रुपए घटकर 4125/4200 रुपए प्रति क्विंटल पर आया और मुम्बई (वाशी) मार्केट में 3950/4150 रुपए प्रति क्विंटल तथा कोलकाता में 4260/4400 रुपए प्रति क्विंटल ने पिछले स्तर पर बरकरार रहा। चीनी का नाका पोर्ट डिलीवरी मूल्य भी 3900/4100 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी के टेंडर मूल्य में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
कोटा 
मई माह के लिए घोषित 23.50 लाख टन चीनी का फ्री 'सेल कोटा' सामान्य स्तर का माना जा रहा है इसलिए मिलर्स को इसकी जल्दी-जल्दी बिक्री करने के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा। चीनी की औद्योगिक मांग बेहतर रहने की उम्मीद है जिससे कीमतों में मजबूती बरकरार रह सकती है। केन्द्र सरकार ने 2025-26 के मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के लिए गन्ना उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 15 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। इसके साथ ही 10.25 प्रतिशत चीनी की औसत रिकवरी वाले गन्ना का एफआरपी 340 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर 355 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। स्वदेशी उद्योग गन्ना के एफआरपी में हुई वृद्धि के अनुपात में चीनी का एक्स फैक्टरी न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) बढ़ाने का सरकार से आग्रह कर रहा है क्योंकि चीनी के उत्पादन खर्च में बढ़ोत्तरी हो जाएगी। 
निर्यात 
चीनी का निर्यात प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। 10 लाख टन के निर्धारित कोटे में से अभी तक 4 लाख टन का भी निर्यात शिपमेंट नहीं हो सका। चीनी का उत्पादन भी 2023-24 सीजन की तुलना में इस बार लगभग 60 लाख टन कम होने का अनुमान है। कुल उत्पादन 260-261 लाख टन तक ही पहुंचने की संभावना है। चीनी का भाव सीमित दायरे में ही ऊपर-नीचे होता रहेगा।