साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं
31-Aug-2024 05:12 PM
मंडियों में सीमित आवक होने से गेहूं का भाव मजबूत
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में गेहूं की सीमित आवक हो रही है और जुलाई में घोषणा किए जाने के बावजूद भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत अपने स्टॉक से अभी तक इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की साप्ताहिक ई-नीलामी आरंभ नहीं की है। त्यौहारी सीजन का आगाज हो चुका है और फ्लोर मिलर्स तथा प्रोसेसर्स को अधिक मात्रा में गेहूं की आपूर्ति की आवश्यकता पड़ेगी।
दिल्ली
24 से 30 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव 25 रुपए सुधरकर 2830/2840 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इंदौर तथा हरदा की मंडियों में स्थानीय गेहूं का दाम 100-100 रुपए की वृद्धि के साथ क्रमश: 2750/3400 रुपए प्रति क्विंटल तथा 2670/2850 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा।
राजस्थान
राजस्थान में मिश्रित रुख देखा गया। वहां गेहूं का मूल्य कोटा में 45 रुपए तेज एवं बारां में 50 रुपए नरम रहा। बूंदी में भाव स्थिर देखा गया।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की मंडियों में गेहूं के दाम में 10 से 40 रुपए तक का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। वहां शाहजहांपुर, सीतापुर एवं गोंडा में गेहूं की कीमत 10-15 रुपए नीचे आई जबकि मैनपुरी में 40 रुपए तथा एटा में 25 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गई। महाराष्ट्र की जालना मंडी में गेहूं का दाम 2600/3500 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर बरकरार रहा।
स्टॉक
तमाम मंडियों में गेहूं का भाव 2275 रुपए प्रति क्विंटल के सरकारी समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है और सरकार ने गेहूं पर भंडारण सीमा आदेश भी लागू कर रखा है। इसके बावजूद मंडियों में आवक बहुत हो रही है। इससे संकेत मिलता है कि या तो बड़े-बड़े उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों के पास गेहूं का विशाल अधिशेष स्टॉक मौजूद नहीं है या फिर वे बाजार में कुछ और तेजी आने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार भी अपना स्टॉक घरेलू बाजार में उतारने के लिए शायद सही समय का इंतजार कर रही है। उसे मार्च तक अपना स्टॉक बचाकर रखने की चिंता है।
