साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

23-Nov-2024 06:12 PM

ऊंचे भाव पर मांग घटने से गेहूं के दाम में गिरावट 

नई दिल्ली। बेतहाशा बढ़ोतरी के बाद अंततः 16-22 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में गिरावट दर्ज की गई क्योंकि ऊंचे भाव पर इसकी मांग कुछ कमजोर पड़ गई। वैसे मिलर्स-प्रोसेसर्स को अब भी न तो सरकारी गेहूं मिल रहा है और न ही विदेशों से शुल्क मुक्त आयात की अनुमति प्राप्त हुई है। गेहूं की बिजाई जोर पकड़ने लगी है और ऊंचे बाजार भाव तथा सरकारी समर्थन मूल्य में हुई बढ़ोत्तरी को देखते हुए इसका क्षेत्रफल बढ़ने की उम्मीद की जा रही है।
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव 110 रुपए लुढ़ककर 3080 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसकी दैनिक आवक 4000 से 10,000 बोरी के बीच रही। गेहूं का दाम गुजरात के राजकोट में 150 रुपए उछलकर 3000/3350 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा और मध्य प्रदेश के इंदौर 2830/3380 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर रहा मगर डबरा तथा उज्जैन में यह नरम पड़ गया। इटारसी में भाव 70 रुपए नीचे आया। राजस्थान की कोटा मंडी में भी 35 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर मंडी में गेहूं की कीमत 60 रुपए की मंदी के साथ 2750 रुपए प्रति क्विंटल रह गई। इसके साथ-साथ सीतापुर, गौरखपुर, गोण्डा तथा मैनपुरी की मंडियों में भी गेहूं के दाम में 10 से 70 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई। 
स्टॉक 
सरकारी गोदामों में गेहूं का सीमित स्टॉक मौजूद है इसलिए इसका उपयोग काफी सोच-समझकर किया जा रहा है। स्टॉकिस्टों एवं बड़े-बड़े उत्पादकों के पास अच्छी खासी मात्रा में गेहूं का भंडार मौजूद होने का दावा सरकार कर रही है और इसलिए उसे विभिन्न मंडियों में इसकी नियमित आपूर्ति जारी रहने का भरोसा है। गेहूं का नया माल अगले वर्ष मार्च-अप्रैल में आना शुरू होगा और तब तक वर्तमान स्टॉक से काम चलाना होगा। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गत वर्ष के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर इस बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है जिससे बिजाई के प्रति किसानों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।