साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं
01-Feb-2025 08:08 PM
ऊंचे दाम पर लिवाली कम होने से गेहूं का भाव लुढ़का
नई दिल्ली। स्टॉकिस्टों द्वारा मुनाफावसूली के उद्देश्य से बिकवाली का दबाव बढ़ाए जाने तथा मिलर्स- प्रोसेसर्स की लिवाली कमजोर होने से 25-31 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में यूपी / राजस्थान के गेहूं का भाव 220 रुपए लुढ़ककर 3050/3060 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में एमपी के गेहूं का मूल्य 315 रुपए लुढ़ककर 2700/3000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश की कई अन्य मंडियों- देवास, डबरा, उज्जैन, खंडवा, भोपाल एवं इटारसी में भी गेहूं के दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर उठाव के कारण गेहूं का भाव राजस्थान के कोटा में 100 रुपए तथा बूंदी में 60 रुपए प्रति क्विंटल नरम पड़ गया। इतना ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश की भी सभी प्रमुख मंडियों में दाम काफी घट गया। इसमें एटा, मैनपुरी, गोंडा, गोरखपुर, सीतापुर हरदोई एवं शाहजहांपुर आदि मंडियां शामिल हैं।
बिक्री
खाद्य निगम द्वारा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत प्रत्येक सप्ताह मिलर्स- प्रोसेसर्स के लिए 1.50 लाख टन गेहूं की बिक्री का ऑफर दिया जा रहा है। पहले उस योजना के अंतर्गत मार्च 2025 तक बिक्र के लिए 25 लाख टन गेहूं का कोटा आवंटित किया गया था जिसे अब 5 लाख टन बढ़ाकर 30 लाख टन नियत किया गया है।
बिजाई
गेहूं की बिजाई समाप्त हो चुकी है और इसका क्षेत्रफल 324 लाख हेक्टेयर से ऊपर पहुंच गया है। अभी तक फसल की हालत संतोषजनक बनी हुई है। कुछ क्षेत्रों में अगैती बिजाई वाले गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी मार्च में आरंभ होने की संभावना है जबकि अप्रैल से आपूर्ति की रफ्तार काफी बढ़ जाएगी। ऐसा प्रतीत होता है कि नया माल खरीदने के लिए स्टॉकिस्ट अपने पुराने स्टॉक को घटाने का प्रयास कर रहे हैं और अभी उन्हें अच्छा दाम भी मिल रहा है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2024-25 सीजन की फसल के लिए 2425 रुपए प्रति क्विंटल नियत किया गया है जबकि भारी गिरावट के बावजूद थोक मंडी भाव अभी समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा है।
