साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं
15-Mar-2025 08:43 PM
नई फसल की आवक से टूटने लगा गेहूं का बाजार
नई दिल्ली। गेहूं की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी आरंभ होने का समय निकट आ गया है और कहीं-कहीं मंडियों में इसकी आवक शुरू भी हो गई है जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। 8 से 14 मार्च वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में उत्तर एवं मध्य प्रदेश के गेहूं का भाव 90 रुपए घटकर क्रमश: 3050/3060 रुपए प्रति क्विंटल तथा 2910 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, खंडवा में 50-75 रुपए तथा इटारसी में 200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट रही। राजस्थान के कोटा में गेहूं का मूल्य 300 रुपए लुढ़ककर 2300/2800 रुपए प्रति क्विंटल, बारां में 170 रुपए घटकर 2450/2780 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी में 50 रुपए गिरकर 2450/2800 रुपए प्रति क्विंटल रह गया बारां में 10-12 हजार बोरी गेहूं की दैनिक आवक हुई।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की सभी प्रमुख मंडियों में मांग कमजोर रहने से गेहूं के दाम में 100 से 175 रुपए प्रति क्विंटल के बीच गिरावट दर्ज की गई। इसमें शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, गोंडा एवं एटा आदि मंडियां शामिल है। महाराष्ट्र के जालना में भी गेहूं का भाव 100 रुपए टूटकर 2500/2700 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
घरेलू उत्पादन
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2020-25 के वर्तमान रबी सीजन के दौरान गेहूं का घरेलू उत्पादन बढ़कर 1154 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जिसका भारी दबाव इसके बाजार भाव पर पड़ने की संभावना है। हालांकि अच्छी क्वालिटी के गेहूं की थोक मंडी भाव अब भी सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा चल रहा है लेकिन कीमतों में यदि गिरावट का दौर जारी रहा रहा तो सरकार को नियत लक्ष्य के अनुरूप खरीद करने में सफलता मिल सकती है।
खरीद
वर्ष 2025 के लिए फिलहाल 310 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ज्ञात हो कि पिछले तीन साल से गेहूं की खरीद नियत लक्ष्य से काफी कम हो रही है लेकिन इस बार सरकार इसकी खरीद बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहती है।
भाव
खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत सरकारी स्टॉक से गेहूं की बिक्री बंद होने के कारण इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की कीमतों में तेजी आने का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन इसके विपरीत गिरावट का माहौल बन गया। अभी बाजार कुछ और नरम पड़ सकता है।
