साप्ताहिक समीक्षा-गेहूं

26-Apr-2025 08:19 PM

देवास को छोड़कर अन्य मंडियों में गेहूं के दाम में सीमित तेजी-मंदी  

नई दिल्ली। रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न- गेहूं के नए माल की आवक सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में जोर शोर से हो रही है और सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ फ्लोर मिलर्स / प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों द्वारा भारी मात्रा में इसकी खरीद की जा रही है। गेहूं की कीमतों में 50-75 रुपए प्रति क्विंटल का उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है मगर मध्य प्रदेश की देवास मंडी में 19-25 परिल वाले सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव नीचे में 2450 रुपए से गिरकर 2350 रुपए प्रति क्विंटल रह गया जबकि ऊपर में 3000 रुपए से उछलकर 3500 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 2650/2660 रुपए प्रति क्विंटल, राजकोट में 2400/2900 रुपए  प्रति क्विंटल एवं इंदौर में 2420/2975 रुपए प्रति क्विंटल के पिछले स्तर पर बरकरार रहा। दिल्ली में रोजाना 6 से 12 हजार बोरी के बीच गेहूं की आवक हो रही है। 
एमपी / राजस्थान  
मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं की आपूर्ति की गति धीमी पड़ने लगी है मगर राजस्थान में कोटा एवं बूंदी में विशाल मात्रा में इसकी आवक हो रही है। कोटा में तो दैनिक आवक बढ़कर एक लाख बोरी तक पहुंचने की सूचना मिल रही है। इसी तरह बूंदी में 35-40 हजार बोरी गेहूं रोजाना पहुंच रहा है। वहां कीमतों में लगभग स्थिरता देखी जा रही है। उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों में भी गेहूं की दैनिक आवक बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। 
उत्तर प्रदेश 
सप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश की शाहजहांपुर मंडी में गेहूं का भाव 36 रुपए सुधरकर 2495/2521 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जो सरकारी समर्थन मूल्य 2425 रुपए प्रति क्विंटल से ऊंचा रहा। अन्य प्रमुख मंडियों में भी गेहूं का दाम न्यूनतम समर्थन मूल्य के आसपास या उससे कुछ ऊपर चल रहा है इसलिए वहां सरकारी खरीद की गति अपेक्षाकृत धीमी है। वैसे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रेल विभाग से अनुरोध किया गया है कि राज्य के गेहूं व्यापारियों को अपना स्टॉक दूसरे प्रांतों में भेजने के लिए रेलवे रैक उपलब्ध न करवाया जाए। 
खरीद लक्ष्य 
गेहूं की सरकारी खरीद 200 लाख टन पर पहले ही पहुंच चुकी है जो पिछले साल से काफी अधिक है। सरकार ने इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 312.70 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है। जो शायद हासिल हो सकता है। इस बार एक खास बात यह है कि व्यापारियों / स्टॉकिस्टों द्वारा भारी मात्रा में गेहूं खरीदा जा रहा है जिससे बाजार में इसकी अच्छी उपलब्धता रह सकती है।