साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

14-Jun-2025 08:27 PM

मांग एवं आपूर्ति के अनुरूप गेहूं के दाम में उतार-चढ़ाव   
  
नई दिल्ली। गेहूं की सरकारी खरीद 300 लाख टन से कुछ ऊपर पहुंचने के बाद लगभग बंद हो चुकी है मगर व्यापारियों एवं मिलर्स की खरीद जारी है। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में गेहूं आ रहा है और मांग तथा उठाव के आधार पर इसके दाम में तेजी-मंदी देखी जा रही है। 
दिल्ली 
7-13 जून वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली में गेहूं का भाव 15 रुपए गिरकर 2735/2740 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया मगर इंदौर में 150 रुपए उछलकर 2430/2660 रुपए प्रति क्विंटल तथा देवास में 100 रुपए बढ़कर 2400/3100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। उज्जैन और इटारसी में भाव नरम देखा गया। 
राजस्थान 
राजस्थान की मंडियों में मिश्रित रुख देखा गया। वहां गेहूं का दाम कोटा मंडी में 50 रुपए गिरकर 2400/2550 रुपए प्रति क्विंटल पर आया मगर बारां मंडी में 75 रुपए बढ़कर 2410/2550 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। बूंदी में भाव 5 रुपए नरम रहा। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गेहूं की कीमतों में 25 से 40 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई और इसलिए मंडी भाव घटकर सरकारी समर्थन मूल्य के काफी करीब आ गया। 
आवक 
गेहूं की दैनिक आवक दिल्ली में 6000 से 10,000 बोरी रही। मध्य प्रदेश की मंडियों में आवक लगभग सामान्य है मगर राजस्थान की तीनों मंडियों- कोटा, बारां एवं बूंदी में नए माल की भारी आवक हो रही है।
स्टॉक लिमिट   
सरकार द्वारा गेहूं पर भंडारण सीमा लागू किए जाने से व्यापारियों / स्टॉकिस्टों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है और बड़े-बड़े उत्पादक भी कमजोर बाजार भाव को देखकर मंडियों में अपना स्टॉक उतारने का प्रयास कर रहे हैं। 
निर्यात 
सरकार ने गेहूं एवं इसके उत्पादों के व्यापारिक निर्यात की अनुमति देने से साफ इंकार कर दिया है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित हुआ है और इसका थोक मंडी भाव इससे ज्यादा ऊपर नहीं है।