साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
16-Aug-2025 05:11 PM
मिलर्स की कमजोर मांग से गेहूं का भाव नरम
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सामान्य आवक एवं फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स की सीमित खरीदारी से 9-15 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई। वैसे अनेक मंडियों में भाव पिछले स्तर पर ही स्थिर रहा।
दिल्ली
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 2850/2860 रुपए प्रति क्विंटल, राजकोट में 2500/3000 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 2500/3200 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा लेकिन देवास में 100 रुपए गिरकर 2650/3100 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के डबरा एवं इटारसी में गेहूं का दाम 25-25 रुपए तथा उज्जैन में 75 रुपए प्रति क्विंटल नरम रहा। गेहूं की औसत दैनिक आवक दिल्ली में 6-10 हजार बोरी दर्ज की गई।
राजस्थान
राजस्थान के कोटा, बारां एवं बूंदी में सीमित कारोबार के साथ गेहूं का भाव पिछले स्तर पर बरकरार रहा लेकिन उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में इसमें 15-20 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार देखा गया। कहीं-कहीं 5-10 रुपए की नरमी रही।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र की जालना मंडी में गेहूं की कीमत 100 रुपए की बढ़ोत्तरी के साथ 2650/2900 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
स्टॉक
केन्द्रीय पूल में गेहूं का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है लेकिन सरकार खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत इसकी नीलामी बिक्री शुरू करने में कोई जल्दबाजी नहीं दिखाना चाहती है। उसे लगता है कि मंडियों में गेहूं की अच्छी आवक हो रही है और कीमत भी काफी हद तक नियंत्रण में है। इधर फ्लोर मिलर्स- प्रोसेसर्स के पास गेहूं का स्टॉक लगातार घटता जा रहा है।
खपत
ऐसा प्रतीत होता है कि पीक त्यौहारी माह (अक्टूबर-नवम्बर) में गेहूं का अभाव उत्पन्न होने पर सरकार बाजार में हस्तक्षेप कर सकती है और इसलिए सितम्बर में इस सम्बन्ध में कुछ निर्णय लिया जा सकता है।
उसके बाद गेहूं की आपूर्ति का लीन या ऑफ सीजन रहता है। मार्च तक गेहूं की किल्लत रहती है। सरकार सितम्बर से मार्च तक गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति को सुगम बनाए रखने का प्रयास कर सकती है।
