साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

03-Jan-2026 06:44 PM

मिलर्स-प्रोसेसर्स की लिवाली से गेहूं में अच्छी तेजी 

नई दिल्ली। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से प्रमुख उत्पादक एवं व्यापारिक मंडियों में गेहूं की बिक्री भी बंद है। ऐसी स्थिति में मिलर्स गेहूं की आवक घटने लगी है और सरकारी गेहूं की बिक्री भी बंद है ऐसी स्थिति में मिलर्स प्रोसेसर्स की मांग निकलने से 27 दिसंबर-2 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान गेहूं के दाम में 100 रूपए प्रति क्विंटल तक की तेजी आ गई। 
दिल्ली 
दिल्ली में भाव 100 रूपए बढ़कर 2930/2950 रूपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जबकि दैनिक आवक 3500 बोरी से बढ़ते हुए 7000 बोरी तक पहुंच गई। हालांकि राजकोट, इंदौर और देवास की मंडियां शांत रही लेकिन डबरा एवं इटारसी में कीमत क्रमशः 45 रूपए एवं 30 रूपए सुधर गई। 
राजस्थान 
अच्छे कारोबार के साथ गेहूं का भाव राजस्थान के कोटा में 75 रूपए तथा बूंदी में 70 रूपए बढ़कर क्रमशः 2500/2600 रूपए प्रति क्विंटल एवं 2450/2570 रूपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। 
उत्तर प्रदेश 
इसी तरह उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में भी तेजी दर्ज की गई। इसके तहत गेहूं का दाम गोरखपुर में 70 रूपए सुधरकर 2720 रूपए प्रति क्विंटल, गोंडा में 100 रूपए उछलकर 2710 रूपए प्रति क्विंटल, मैनपुरी में 75 रूपए बढ़कर 2575 रूपए प्रति क्विंटल तथा एटा में 110 रूपए उछलकर 2600 रूपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। इसी तरह महाराष्ट्र की जापना मंडी भी 100 रूपए तेज होकर 2600/2800 रूपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। 
बिजाई 
रबी सीजन के सबसे प्रमुख खाद्यान्न -गेहूं की बिजाई बिल्कुल अंतिम चरण में पहुंच गई है ओर इसका रकबा गत वर्ष से कुछ आगे चल रहा है। फसल की हालत संतोषजनक बताई जा रही है। इससे उत्पादन बेहतर होने के आसार है गेहूं पर भंडारण सीमा लागू है और व्यापारियों के पास इसका स्टॉक तेजी से घटता जा रहा है।