साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं
10-Jan-2026 07:55 PM
सरकारी स्टॉक की बिक्री की संभावना से गेहूं की कीमतों में गिरावट
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अगले सप्ताह से खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत गेहूं की ई-नीलामी दोबारा शुरू की जा सकती है। निगम को इस योजना के माध्यम से 31 मार्च 2026 तक 30 लाख टन गेहूं की बिक्री का कोटा आवंटित किया गया है मगर उसे अभी तक महज 10 प्रतिशत के ही बिक्री करने में सफलता हासिल हो सकी है।
स्टॉक
सरकारी गेहूं मुख्यतः मिलर्स-प्रोसेसर्स को उपलब्ध करवाया जाता है जबकि व्यापारियों / स्टॉकिस्टों को नियमित रूप से बाजार में अपना माल उतारना पड़ रहा है क्योंकि गेहूं पर भंडारण सीमा लागू है। गेहूं का अगला उत्पादन शानदार होने के आसार हैं क्योंकि एक तो इसके बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है और दूसरे, मौसम की हालत अनुकूल बनी हुई है।
दिल्ली
3-9 जनवरी वाले- सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 80 रुपए गिरकर 2820/2840 रुपए प्रति क्विंटल तथा इंदौर में 150 रुपए घटकर 2450/2950 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसके अलावा उज्जैन एवं इटारसी तथा राजस्थान के कोटा एवं बूंदी में भी गेहूं का भाव नरम रहा। उत्तर प्रदेश की कई मंडियों में भी कीमतों पर दबाव देखा गया। वहां एटा मंडी में दाम 125 रुपए घटकर 2475 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
आवक
दिल्ली में गेहूं की दैनिक आवक नीचे में 3000 बोरी से लेकर ऊपर में 12,000 बोरी के बीच दर्ज की गई। देश की अन्य प्रमुख उत्पादक मंडियों एवं व्यापारिक केन्द्रों में गेहूं की सामान्य आवक हो रही है। मिलर्स-प्रोसेसर्स की खरीद सीमित हो रही है। 2025-26 के रबी सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ाकर 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जिसके मुकाबले कई मंडियों में भाव नीचे चल रहा है।
भाव
ओएमएसएस वाले गेहूं का न्यूनतम आरक्षित मूल्य (रिजर्व प्राइस) 2550 रुपए प्रति क्विंटल नियत है जबकि किराया भाड़ा इससे अलग है। मिलर्स-प्रोसेसर्स के लिए आगे दोनों विकल्प मौजूद रहेगा।
