साप्ताहिक समीक्षा- हल्दी

16-Aug-2025 05:37 PM

हल्दी बिजाई गत वर्ष से अधिक : हाजिर व्यापार कम   

नई दिल्ली। उत्पादक राज्यों में चालू सीजन के दौरान हल्दी की बिजाई अधिक क्षेत्रफल पर की गई है। बिजाई के पश्चात अभी तक मौसम भी फसल के अनुकूल बना हुआ है। अगर आगामी दिनों में भी मौसम फसल के अनुकूल बना रहता है तो निश्चित ही आने वाली फसल गत वर्ष की तुलना में अधिक रहेगी। नई फसल जनवरी-फरवरी माह में शुरू होगी। हल्दी का उत्पादन मुख्यतः महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु में होता है।
बिजाई अनुमान 
सभी उत्पादक राज्यों में हल्दी बिजाई का कार्य सम्पन्न हो चुका है। मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र  एवं निजामाबाद लाइन पर हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु में बिजाई का क्षेत्रफल 20/25 प्रतिशत होने के समाचार मिल रहे हैं। 
आवक 
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा लाइन को छोड़कर अन्य मंडियों में आवक कम रह गई है। आवक कम होने के कारण सांगली मंडी में हल्दी की नीलामी में सप्ताह में तीन दिन कर दी गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बसमत एवं हिंगोली मंडी में आवक 4/5 हजार बोरी की हो रही है जबकि नांदेड में आवक 2/2500 बोरी की दैनिक हो रही है। निजामाबाद में आवक 5/7 बोरी एवं इरोड 1000/1500 बोरी की रह गई है। दुग्गीराला में आवक 400/500 बोरी की चल रही है। 
स्टॉक 
कारोबारियों का कहना है कि मराठवाड़ा लाइन (हिंगोली, बसमत, नांदेड) पर हल्दी का स्टॉक अच्छा माना जा रहा है जबकि अन्य क्षेत्रों में स्टॉक कम रह गया है जिस कारण आवक भी सीमित रह गई है। व्यापारियों का मानना है कि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों एवं खपत केन्द्रों पर हल्दी का स्टॉक 36/38 लाख बोरी का होने की संभावना है। एक अनुमान के अनुसार मराठवाड़ा में स्टॉक 12/13 लाख बोरी के अलावा निजामाबाद में 4/5 लाख बोरी स्टॉक माना जा रहा है जबकि इरोड में 3/4 लाख बोरी एवं सांगली 3/4 लाख बोरी स्टॉक होने के अनुमान है। दुग्गीराला एवं एवं वारंगल में स्टॉक 3/4 लाख के अलावा खपत केन्द्रों पर भी 7/8 लाख बोरी स्टॉक होने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
भाव 
वर्तमान में निर्यात एवं लोकल व्यापार कम होने के कारण हल्दी के भाव दबे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि चालू माह के दौरान हल्दी के भाव 2/3 रुपए मन्दा-तेजी के बीच चलते रहेंगे लेकिन सितम्बर-अक्टूबर माह में निर्यात मांग बढ़ने के अलावा लोकल व्यापार भी बढ़ने की संभावना है। जिस कारण से आगामी दिनों में  दाम बढ़ने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि खपत की तुलना में नई फसल आने तक स्टॉक कम माना जा रहा है। नई फसल की आवक जनवरी माह में निजामाबाद लाइन पर शुरू हो जाएगी जबकि इरोड में आवक फरवरी माह एवं महाराष्ट्र की मंडियों में मार्च-अप्रैल में शुरू होगी। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव 130/132 रुपए चल रहा है।
निर्यात 
चालू सीजन 2025-26 के प्रथम दो माह के दौरान हल्दी निर्यात में मात्रात्मक रूप में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। जबकि आय में केवल 2 प्रतिशत का इजाफा हुआ। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-मई 2025 में हल्दी का निर्यात 34162.28 टन का हुआ। और निर्यात से प्राप्त आय 505.38 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-मई - 2024 में निर्यात 31524.59 का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 496.67 करोड़ की रही। 
वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का निर्यात 176325.34 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 2885.39 करोड़ की रही। जबकि वर्ष 2023 में निर्यात 162018.46 टन का रहा और प्राप्त आय 1875.86 करोड़ की रही।