साप्ताहिक समीक्षा-हल्दी
10-Jan-2026 08:24 PM
हल्दी कीमतों में अधिक मंदा नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हल्दी कीमतों में मिला-जुला व्यापार रहा। सप्ताह के शुरू में भाव बढ़ने के पश्चात बाजार में मुनाफा वसूली बिकवाली रही। जिस कारण से सप्ताह के अंत में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित खपत केन्द्रों पर भी हल्दी के भाव नरमी के साथ बोले गए। वायदा बाजार में भी भाव नरमी के साथ बोले गए। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर हल्दी की बिजाई गत वर्ष की तुलना में अधिक क्षेत्रफल पर की गई है लेकिन बिजाई के पश्चात मराठवाड़ा, निजामाबाद में बेमौसमी बारिश के चलते फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि इरोड-लाइन पर फसल की स्थिति अच्छी मानी जा रही है।
आवक में विलम्ब
इस वर्ष नई हल्दी की आवक में विलम्ब हो रहा है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जनवरी माह के शुरू में निजामाबाद मंडी में नई हल्दी की आवक 100/200 बोरी की शुरू हो गई है लेकिन इस वर्ष नए मालों की आवक जनवरी माह के अंत तक शुरू होने के समाचार है।
उत्पादन अनुमान
हालांकि बिजाई क्षेत्रफल में 30/35 प्रतिशत की वृद्धि होने के कारण पूर्वानुमान लगाए जा रहे थे कि इस वर्ष देश में हल्दी का उत्पादन 90/92 लाख बोरी का हो जाएगा। लेकिन फसल को नुकसान के पश्चात अब उत्पादन अनुमान 80/82 लाख बोरी के लगाए जाने लगे हैं। वर्ष 2024 के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन 50/55 लाख बोरी एवं वर्ष 2025 में उत्पादन 70/75 लाख बोरी का रहा था। चालू सीजन के दौरान हल्दी का स्टॉक भी गत वर्ष की तुलना में 50 प्रतिशत ही माना जा रहा है। गत वर्ष स्टॉक 18/20 लाख बोरी का माना गया था जोकि वर्तमान में 8/10 लाख बोरी का माना जा रहा है।
भाव गत वर्ष से अधिक
वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित खपत केन्द्रों पर भी हल्दी के भाव गत वर्ष की तुलना में ऊंचे चल रहे हैं। गत वर्ष इरोड मंडी में हल्दी फली का भाव 145/147 रुपए चल रहा था जोकि वर्तमान में 160/162 रुपए बोला जा रहा है। दिल्ली बाजार में वर्तमान में हल्दी पॉलिश गट्ठा का भाव 163/165 रुपए बोला जा रहा है जोकि गत वर्ष इसी समयावधि में 146/146 रुपए चल रहा था। अन्य मंडियों में भी हल्दी के भाव गत वर्ष की तुलना में 15/18 रुपए प्रति किलो ऊंचे चल रहे हैं।
मन्दा-तेजी
जानकारों का कहना है कि हल्दी की कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में नए मालों की आवक शुरू हो जाने के पश्चात कीमतों में नरमी रहने की संभावना है। लेकिन वर्तमान भावों में अधिक मन्दा संभव नहीं है। क्योंकि स्टॉक की कमी के चलते मंडियों में नए सूखे मालों की आवक बढ़ने पर स्टॉकिस्टों की लिवाली बढ़ जाएगी। जिस कारण से कीमतों में फिर वृद्धि होगी। सूत्रों का कहना है कि निजामाबाद लाइन पर नई फसल की आवक शुरू होने तक कीमतों में मजबूती रहेगी। हो सकता है दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पॉलिश गट्ठा का भाव 170 रुपए का स्तर छू जाए। वर्तमान में भाव 163/165 रुपए बोला जा रहा है। उल्लेखनीय है कि निर्यातकों की कमजोर मांग के चलते सितम्बर माह में दिल्ली बाजार में हल्दी का भाव नीचे में 126/128 रुपए बन गया था। तत्पश्चात कीमतों में धीरे-धीरे तेजी बननी शुरू हुई और सितम्बर माह में अभी तक कीमतों में 34/35 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है।
निर्यात
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 के प्रथम सात माह हल्दी निर्यात में 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है लेकिन निर्यात भाव कम मिलने के कारण आय में 5 प्रतिशत की कमी आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 111117 टन का हुआ है। और निर्यात से प्राप्त आय 1694.31 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर-2024 में हल्दी का निर्यात 108880 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 1784.20 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का किया गया था।
