साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च

14-Jun-2025 08:21 PM

निर्यात व्यापार कम होने से लालमिर्च में अधिक तेजी नहीं  
   
नई दिल्ली। विदेशों में राजनैतिक हालात अच्छे नहीं होने के कारण लालमिर्च में निर्यात मांग का अभाव बना हुआ है। वर्तमान में बांग्ला देश की छिटपुट लिवाली चल रही है जबकि चीन की लिवाली बाजार में नहीं है। उल्लेखनीय है कि लगभग एक माह पश्चात चालू सप्ताह के दौरान प्रमुख मंडी गुंटूर एवं खम्मम में लालमिर्च का व्यापार शुरू हुआ। शुरू में मंडियों में लालमिर्च के भाव 3/5 रुपए प्रति किलो ऊंचे बोले गए। लिवाल कम होने के कारण सप्लाई के अंत में भाव दबे रहे।
आवक 
वर्तमान में प्रमुख मंडी गुंटूर में किसानी माल की आवक केवल 10/15 हजार बोरी की हो रही है। क्वालिटी भी हल्की आने के कारण कोल्ड के भावों का व्यापार हो रहा है। गुंटूर में दैनिक व्यापार 40/45 हजार बोरी का हो रहा। खम्मम मंडी में भी आवक 7/8 हजार बोरी की हो रही है जबकि वारंगल में आवक 4/5 हजार बोरी की चल रही है। 
भाव 
निर्यात एवं लोकल मांग कम होने के कारण वर्तमान में  गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 135/138 रुपए बोला जा रहा है। जबकि खम्मम मंडी में भाव 140/141 रुपए का चल रहा है। वारंगल में भी तेजा का व्यापार 138/140 रुपए हो रहा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान हालत को देखते हुए हाल-फिलहाल लालमिर्च की कीमतों में अधिक तेजी की संभावना नहीं है। विदेशों में हालात सामान्य होने तक कीमतों में 8/10 रुपए का मंदा-तेजी चलता रहेगा। अधिक तेजी-मन्दा आगामी दिनों में निर्यात मांग पर निर्भर करेगा। 
पैदावार
चालू सीजन के दौरान देश में लालमिर्च की पैदावार गत वर्ष की तुलना में कम रही। एक अनुमान के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में चालू सीजन के दौरान लालमिर्च की पैदावार 1.50 करोड़ बोरी की रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन लगभग 2 करोड़ बोरी के आसपास रही थी। तेलंगाना में भी उत्पादन गत वर्ष के 75/80 लाख बोरी के मुकाबले 60/65 लाख बोरी रहने के समाचार है।
स्टॉक 
जानकार व्यापारियों का कहना है कि प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का स्टॉक लगभग 1 करोड़ बोरी का माना जा रहा है। अकेले गुंटूर में स्टॉक 62/65 लाख बोरी का होने के समाचार है। इसके अलावा तेलंगाना की खम्मम मंडी में स्टॉक 22/24 लाख बोरी एवं वारंगल 25/26 लाख बोरी लालमिर्च का स्टॉक होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
घटेगी बिजाई  
उत्पादकों का उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण दूसरे वर्ष भी लालमिर्च की बिजाई घटने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष बिजाई के समय उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च तेजा का भाव 195/200 रुपए प्रति किलो चल रहा था जोकि वर्तमान में 138/140 रुपए बोला जा रहा है। भाव कम होने के कारण बिजाई क्षेत्रफल में 20/25 प्रतिशत की कमी आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश में बिजाई का कार्य शुरू हो चुका है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बिजाई का कार्य चालू माह के अंत तक शुरू हो जाने की संभावना है।
निर्यात बढ़ा - आय घटी 
वर्ष 2024-25 के दौरान मात्रात्मक रूप में लालमिर्च का निर्यात 19 प्रतिशत बढ़ा है लेकिन निर्यात भाव कम मिलने के करण आय से 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का निर्यात 715506 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 1140490 लाख रुपए की रही। जबकि वर्ष 2023-24 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 601084 टन का हुआ था। और निर्यात से प्राप्त आय 1249248 लाख रुपए की रही थी। प्राप्त  जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान लालमिर्च का रिकॉर्ड निर्यात किया गया। इससे पूर्व वर्ष 2020-21 में लालमिर्च का 649815 टन का रिकॉर्ड निर्यात किया गया था।