साप्ताहिक समीक्षा- लालमिर्च
12-Jul-2025 07:44 PM
लालमिर्च के भाव मजबूत : उत्पादकों केन्द्रों पर घटेगी बिजाई
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च के दामों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि उत्पादक केन्द्रों पर आवक संतोषजनक चल रही है लेकिन बांग्ला देश के अलावा चीन की लिवाली भी सुधरने के अलावा इस वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई घटने के समाचारों से कीमतों में सुधार दर्ज किया है। चालू सप्ताह के दौरान गुंटूर एवं खम्मम मंडी में लालमिर्च तेजा के भाव 4/5 रुपए प्रति किलो तेजी के साथ बोले गए हैं। सूत्रों का मानना है कि अभी हाल-फिलहाल कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में नए लालमिर्च की आवक दीपावली के आसपास शुरू होगी।
बिजाई अनुमान
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश में लालमिर्च की बिजाई 80/90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। लेकिन उत्पादकों को उचित मूल्य न मिलने के कारण बिजाई क्षेत्रफल में 20/25 प्रतिशत की कमी आने के समाचार मिल रहे हैं। आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी बिजाई कम रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। आंध्र प्रदेश में बारिश की कमी से बिजाई में विलम्ब भी होने की संभावना है। आमतौर पर आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में बिजाई के प्रथम सप्ताह से शुरू हो जाती है लेकिन अभी तक बिजाई का कार्य शुरू नहीं हुआ है। क्योंकि अभी तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में नई लालमिर्च की आवक अक्टूबर-नवम्बर माह में शुरू होती है जबकि आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में आवक जनवरी-फरवरी माह में शुरू होती है।
पैदावार
किसानों की उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण दूसरे वर्ष भी लालमिर्च उत्पादन में गिरावट की संभावना है। क्योंकि बिजाई कम क्षेत्रफल पर किए जाने के समाचार है। प्राप्त जानकारी के प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में वर्ष 2024 के दौरान लालमिर्च का उत्पादन लगभग 2 करोड़ बोरी (प्रत्येक बोरी 45 किलो) का रहा था जोकि 2025 में घटकर 1.50 करोड़ बोरी का रह गया है। वर्ष 2026 में भी उत्पादन कम रहने की। तेलंगाना में भी उत्पादन चालू सीजन के दौरान 60/65 लाख बोरी होने के समाचार मिले है। जबकि इससे पूर्व उत्पादन 75/80 लाख बोरी का माना गया था।
स्टॉक
उत्पादक केन्द्रों की मंडियों से मिली जानकारी के अनुसार प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश की मंडियों में लालमिर्च का स्टॉक लगभग 80/85 लाख बोरी माना जा रहा है। जबकि अकेले गुंटूर मंडी में स्टॉक 55/60 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा खम्मम में स्टॉक 20/22 लाख बोरी एवं वारंगल 22/25 लाख बोरी की संभावना है।
मन्दा-तेजी
जानकार सूत्रों का मानना है कि लालमिर्च को वर्तमान कीमतों में मंदे की संभावना नहीं है। लेकिन अभी अधिक तेजी भी संभव नहीं है। चालू माह के दौरान लालमिर्च के भाव 3/5 रुपए प्रति किलो मन्दा-तेजी के बीच बने रहेंगे। क्योंकि अभी आशानुरूप निर्यात मांग नहीं है। अगर निर्यात मांग में वृद्धि होती है तो कीमतों में 8/10 रुपए प्रति किलो की तेजी संभव है। लेकिन वर्तमान भावों में अभी मंदे की संभावना नहीं है। क्योंकि मंडियों में आवक भी घटने लगी है इसके अलावा भाव भी गत वर्ष की तुलना में कम चल रहे हैं। गत वर्ष मंडियों में लालमिर्च तेजा का भाव 190/200 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था जबकि वर्तमान में भाव 130/135 रुपए चल रहा है।
निर्यात अधिक
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 715506 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 11404.90 करोड़ रुपए की रही। जबकि वर्ष 2023-24 में निर्यात 601084 टन का रहा था और निर्यात से प्राप्त आय 12492.48 करोड़ रुपए की रही। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2024-25 में लालमिर्च का रिकॉर्ड निर्यात किया। इससे पूर्व वर्ष 2020-21 में लालमिर्च का 649815 टन का रिकॉर्ड निर्यात किया गया था।
