साप्ताहिक समीक्षा-लालमिर्च

23-Nov-2024 07:27 PM

लालमिर्च कीमतों में गिरावट : मध्य प्रदेश के बाद गुंटूर में भी नए लालमिर्च की आवक शुरू 
 
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च की कीमतों में गिरावट रही। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश के पश्चात आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना की मंडियों में भी नए लालमिर्च की आवक शुरू हो गई है। हालांकि सीजन के दौरान सभी उत्पादक राज्यों में लालमिर्च की बिजाई में 20/25 प्रतिशत की कमी रही है लेकिन गत सीजन में रिकॉर्ड उत्पादन होने के कारण उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च का स्टॉक भरपूर मात्रा में जमा है सूत्रों का कहना है कि हालांकि बारिश से मध्य प्रदेश में लालमिर्च की क्वालिटी प्रभावित हुई है लेकिन अनुकूल बना रहने से आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में लालमिर्च की क्वालिटी अच्छी आने के समाचार है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी में नए मालों की आवक शुरू हो गई है वारंगल मंडी में भी नए लालमिर्च का श्रीगणेश हो गया है लेकिन अभी नमी की मात्रा अधिक आ रही है। सूखे मालों की आवक दिसम्बर माह के अंत तक बनेगी। हालांकि यह सच है कि इस वर्ष लालमिर्च की पैदावार गत वर्ष की तुलना में कम रहेगी लेकिन बकाया स्टॉक अधिक होने के कारण हाल-फिलहाल तेजी की संभावना नहीं है। 
स्टॉकिस्टों की बिकवाली 
नए मालों की आवक शुरू हो जाने के कारण उत्पादक केन्द्रों पर स्टॉकिस्टों की पुराने मालों में बराबर बिकवाली बनी हुई है। जिस कारण से वर्तमान में गुंटूर मंडी में लालमिर्च की दैनिक औसतन आवक 1 लाख बोरी के आसपास चल रही है। खम्मम एवं वारंगल में भी आवक 12/15 हजार बोरी दैनिक की हो रही है। 
भाव गत वर्ष से कम 
बढ़ती बिकवाली एवं कमजोर मांग के कारण लालमिर्च के भाव लगातार घट रहे है। चालू सप्ताह के दौरान भी उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च के दाम 200/300 रुपए मंदे रहे हैं। जबकि गत वर्ष की तुलना में भाव 6000/6500 रुपए प्रति क्विंटल मंदे के साथ बोले जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष नवम्बर- 2023 में गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 23000/23200 रुपए चल रहा था जोकि वर्तमान में 16000/16200 रुपए बोला जा रहा है वर्तमान भावों पर भी व्यापार कम है। क्योंकि लिवाल नए मालों की आवक बढ़ने का इंजतार कर रहा है।
उत्पादन अनुमान 
मध्य प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन कम होने के अलावा आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी लालमिर्च की पैदावार घटने के अनुमान लगाए जाने लगे हैं। बाजार सूत्रों का कहना है कि गत वर्ष आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन अनुमान 2 करोड़ बोरी के लगाए गए थे जोकि चालू सीजन में डेढ़ करोड़ बोरी के आसपास होने के समाचार है। बशर्ते आगामी दिनों में मौसम फसल के अनुकूल रहे हैं। तेलंगाना में भी लालमिर्च की पैदावार सीजन के दौरान 55/60 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 40 किलो) होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। जबकि गत वर्ष 75/80 लाख बोरी का उत्पादन माना गया था। मध्य प्रदेश में भी इस वर्ष उत्पादन 30/35 लाख बोरी का माना जा रहा है जबकि गत वर्ष उत्पादन 40 लाख बोरी से अधिक रहा था। जानकार सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश की गुंटूर मंडी में लालमिर्च का स्टॉक 40/42 लाख बोरी होने के समाचार है जबकि तेलंगाना में स्टॉक 25/30 लाख बोरी माना जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अधिक स्टॉक एवं आगामी दिनों में नए मालों की आवक बढ़ने पर गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव 150/155 रुपए बन जाने की संभावना है जबकि वर्तमान में भाव 160/165 रुपए चल रहा है। सूत्रों का मानना है कि हाल-फिलहाल कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है लेकिन चीन की मांग निकलने पर भाव सुधर सकते हैं। वर्तमान में चीन की लिवाली नहीं आ रही है जबकि बांग्ला देश की मांग भी कमजोर चल रही है। 
निर्यात 
मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू सीजन 2024-25 के प्रथम पांच माह अप्रैल-अगस्त - 2024 के दौरान  लालमिर्च का निर्यात 222412.15 टन का हुआ है जबकि गत वर्ष अप्रैल-अगस्त - 2023 में निर्यात 226352.49 टन का किया गया था। वर्ष 2023-24 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 601084 टन का रहा था। वर्ष 2022-23 में निर्यात 524017 टन एवं वर्ष 2021-22 में 649815 टन का निर्यात किया गया था।