साप्ताहिक समीक्षा-लालमिर्च
15-Mar-2025 08:51 PM
लालमिर्च की कीमतों में नरमी मगर अधिक मंदा नहीं
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च की कीमतों में नरमी का रुख रहा। लेकिन वर्तमान कीमतों में अधिक मंदे के आसार नहीं है। क्योंकि भाव गत वर्ष की तुलना में काफी कम चल रहे हैं। जिस कारण से आगामी दिनों में निर्यातकों की लिवाली बढ़ने पर कीमतों में तेजी संभव है।
सूत्रों का कहना है कि रमजान का महीना होने के कारण वर्तमान में निर्यातकों की लिवाली काफी कम चल रही है जिस कारण में भाव दबे हुए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी कीमतों में 3/5 रुपए से गिरकर ओर आ सकती है। वर्तमान में गुंटूर मंडी में तेजा क्वालिटी का भाव 135/136 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। व्यापारियों का मानना है कि रमजान समाप्त हो जाने के पश्चात अप्रैल माह में फिर निर्यातकों की लिवाली बढ़ेगी। जिस कारण से 15 अप्रैल के बाद फिर कीमतों में सुधार संभव है। क्योंकि एक ओर जहां मंडियों में आवक घटनी शुरू हो जाएगी वहीं निर्यातकों की मांग भी बढ़ेगी।
उत्पादन
चालू सीजन के लिए प्राय: सभी उत्पादक राज्यों में लालमिर्च के बिजाई क्षेत्रफल में गिरावट दर्ज की गई। क्योंकि गत वर्ष रिकॉर्ड उत्पादन होने से कारण किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाया था। कमजोर बिजाई के चलते इस वर्ष प्रमुख उत्पादक राज्य आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में 45/50 लाख बोरी कम माना जा रहा है। गत वर्ष आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन लगभग 2 करोड़ बोरी का रहा था जोकि इस वर्ष 36 करोड़ बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। तेलंगाना में भी लालमिर्च की पैदावार गत वर्ष के 75/80 लाख बोरी के मुकाबले 60/65 लाख बोरी होने के समाचार मिल रहे हैं।
आवक अच्छी
वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों में लालमिर्च की भरपूर आवक हो रही है। गुंटूर मंडी में आवक 1.50/1.75 लाख बोरी की हो रही है जबकि खम्मम मंडी में 70/80 हजार बोरी की आवक हो रही है। वारंगल में भी आवक 40/50 बोरी की चल रही है। सूत्रों का मानना है चालू माह के अंत तक आवक का दबाव रहेगा। अप्रैल माह के शुरू में आवक घटनी शुरू हो जाएगी। क्योंकि अपनी आवश्यकता पूर्ति के लिए किसानों ने माल की बिकवाली कर दी है। अब किसान भाव बढ़ने का इंतजार करेगा।
मंदा तेजी
कारोबारियों का मानना है कि वर्तमान में गुंटूर मंडी के तेजा क्वालिटी का भाव 135/136 रुपए चल रहा है जबकि खम्मम मंडी में तेजा का भाव 138/139 रुपए बोला जा रहा है। वारंगल मंडी में तेजा का भाव 133/134 रुपए चल रहा है। सूत्रों का मानना है कि चालू माह के दौरान कीमतों में 3/5 की गिरावट ओर आ सकती है तत्पश्चात कीमतों में सुधार होगा। और जून-जुलाई माह तक कीमतों में धीरे-धीरे 15/20 रुपए प्रति किलो तेजी आने की संभावना है।
भाव गत वर्ष से कम
वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर लालमिर्च की भाव गत वर्ष की तुलना में कम चल रहे हैं। गत वर्ष मार्च 2024 के दौरान गुंटूर मंडी में तेजा का भाव 198/200 रुपए एवं खम्मम में भाव 202/204 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था जबकि वारंगल में तेजा का भाव 198/200 रुपए चल रहा था। वर्तमान में मंडियों में लालमिर्च तेजा के भाव गत वर्ष की तुलना में लगभग 60 रुपए प्रति किलो कम चल रहे हैं।
निर्यात बढ़ा
चालू सीजन के दौरान लालमिर्च निर्यात में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-नवम्बर- 2024 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 377778.29 टन का किया गया है। और निर्यात का प्राप्त आय 6162.30 करोड़ की रही। जबकि गत वर्ष अप्रैल - नवंबर - 2023 में लालमिर्च का निर्यात 342890.46 टन का हुआ था और निर्यात प्राप्त आय 7050.25 करोड़ की रही। भाव कम होने के कारण निर्यात आय में 13 प्रतिशत की गिरावट रही। वर्ष 2023-24 के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 601084 टन का रहा था। अभी तक के निर्यात प्रदर्शन को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है। वर्ष 2024-25 में लालमिर्च का निर्यात गत वर्ष की तुलना में अधिक रहेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020-21 के दौरान लालमिर्च का रिकॉर्ड 649815 टन का रहा था।
