साप्ताहिक समीक्षा-मूंगफली

01-Feb-2025 08:03 PM

कमजोर मांग से मूंगफली तेल का भाव नरम 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में खरीफ कालीन मूंगफली के नए माल की अच्छी आवक हो रही है और इसकी सरकारी खरीद भी जारी है लेकिन सम्पूर्ण खाद्य तेल-तिलहन बाजार में छाई मंदी के असर से इसका भाव स्थिर या नरम देखा जा रहा है। मूंगफली तेल तथा डीओसी में मांग कमजोर है। 
आवक 
25-31 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान गुजरात के गोंडल एवं राजकोट तथा उत्तर प्रदेश के झांसी, महोबा तथा मऊरानीपुर जैसी मंडियों में 10-20 हजार बोरी मूंगफली की दैनिक आवक हुई। नीचे दाम पर थोड़ी बहुत लिवाली होने से झांसी में भाव 100 रुपए सुधर गया मगर अन्य मंडियों में 50-100 रुपए की नरमी देखी गई। यूपी में मूंगफली का भाव सरकारी समर्थन मूल्य के काफी नीचे चल रहा है। गोंडल में बी यह 5000/5500 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया।
मूंगफली दाना 
छिलका रहित मूंगफली दाने में क्रशर्स- प्रोसेसर्स एवं निर्यातकों की मांग कमजोर रही। इसके फलस्वरूप राजस्थान के बीकानेर, जयपुर एवं जोधपुर तथा महाराष्ट्र के जलगांव में भाव स्थिर रहे लेकिन सोलापुर में गिर गए। सोलापुर में 50-60 एवं 60-70 काउंट का दाम 100 रुपए तथा 500 रुपए घटकर क्रमश: 10,000 रुपए एवं 7800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया जिसमें जीएसटी शामिल नहीं है। लेकिन नागपुर में इसमें 200-300 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
मूंगफली तेल (रिफाइंड) 
लूज में मूंगफली तेल का सीमित उठाव होने से भाव 20 से 50 रुपए प्रति 10 किलो तक नीचे आ गया। अहमदाबाद में यह 90 रुपए बढ़कर 1330 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। रिफाइंड मूंगफली तेल के दाम में भी 15 लीटर वाले टिन पर 30 रुपए की नरमी रही जबकि फिल्टर्ड मूंगफली तेल का भाव 30 से 50 रुपए प्रति 10 किलो तक घट गया। ऑयल के में सीमित कारोबार के कारण स्थिरता रही।