साप्ताहिक समीक्षा-मसूर
30-May-2026 09:28 PM
कमजोर मांग से मसूर में गिरावट, आगे सुधार की उम्मीद
मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान मसूर बाजार में नरमी का रुख देखने को मिला। मांग कमजोर रहने और बिकवाली का दबाव बढ़ने से मसूर की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दाल मिलों की खरीदारी भी आवश्यकता आधारित रही, जिससे बाजार को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका। उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में मसूर की आवक सामान्य से कम बनी हुई है। इसके बावजूद मांग में अपेक्षित तेजी नहीं आने से भाव दबाव में रहे। वर्तमान कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे होने के कारण किसान और स्टॉकिस्ट आक्रामक बिकवाली से बच रहे हैं, जिससे नीचे स्तर पर बाजार को सहारा मिल रहा है। दूसरी ओर बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे प्रमुख उपभोक्ता राज्यों में मांग बनी हुई है। बाजार जानकारों का कहना है कि यदि यह मांग आगे और मजबूत होती है तो मसूर की कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार में सीमित आवक और नियंत्रित स्टॉक के कारण बड़ी गिरावट की संभावना कम है, जबकि मांग बढ़ने पर मसूर में फिर से मजबूती लौट सकती है। आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने व मांग सुस्त बनी रहने से आयातित मसूर की कीमतों में इस सप्ताह 75/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी। और इस गिरावट के साथ भाव मुंद्रा कनाडा भाव 5925 रुपये, हजीरा 5975 रुपये, कंटेनर कनाडा 6150 रुपये तथा ऑस्ट्रेलिया मसूर 6150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कनाडा
विश्व के प्रमुख मसूर उत्पादक एवं निर्यातक देश कनाडा की नजर इस समय भारतीय मानसून और खरीफ दलहन फसलों की संभावित स्थिति पर बनी हुई है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार यदि भारत में तुवर सहित अन्य खरीफ दलहनों का उत्पादन प्रभावित होता है, तो मसूर आयात की मांग बढ़ सकती है, जिसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ेगा। कनाडा में मसूर की बुवाई जारी है और नई फसल अगस्त-सितंबर में बाजार में आने की उम्मीद है। तब तक भारत में खरीफ फसलों की बुवाई और फसल की स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी, जिसके आधार पर कनाडाई मसूर के भावों की दिशा तय हो सकती है। वर्तमान में पश्चिमी कनाडा में लाल मसूर का एफओबी फार्म भाव 25-26 सेंट प्रति पौंड चल रहा है, जबकि नई फसल के अग्रिम अनुबंध 24 सेंट प्रति पौंड के आसपास हो रहे हैं। बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले महीनों में भारतीय मांग और मौसम की स्थिति मसूर बाजार की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
दिल्ली
लिवाली व बिकवाली सिमित बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली की कीमतों में कोई हल चल नहीं देखी गयी और सप्ताहांत में भाव छोटी कोटा 7600 रुपए ,बूंदी 8600 रुपए उत्तरप्रदेश 8700 रुपए व देसी बड़ी 6८७५ रुपए प्रति क्विंटल पर रुकी रही।
मध्य प्रदेश
ग्राहकी सुस्त बनी रहने से इस सप्ताह मध्य प्रदेश मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और भाव सप्ताहांत में भाव अशोकनगर 6200/6400 रुपए बीना 6100/6500 रुपए गंजबासोदा 6000/6400 रुपए सागर 6200/6500 रुपए दमोह 6000/6400 रुपए इंदौर 6200 रुपए करेली 5000/6501 रुपए व कटनी 6750 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
उत्तर प्रदेश
मांग सुस्त पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश की छोटी मसूर की कीमतों में 100 रुपए व बड़ी मसूर में 75 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और भाव सप्ताहांत में भाव बरेली छोटी 9900 रुपए मोटी 6850 रुपए ललितपुर मोटी 6300/6375 रुपए छोटी 9000/9100 रुपए व उरई 6000/6250 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी ।
अन्य
चौतरफा गिरावट के असर व मांग सुस्त बनी रहने बिहार मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में बाढ़ 6750 रुपए खुशरूपुर 6650 रुपए व मोकामा 6750 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। जबकि रायपुर मसूर की कीमतों में भी इस साप्ताह कोई तेजी मंदी नहीं देखी गयी और सप्ताहंत में भाव 6400 रुपए प्रति क्विंटल रुके रहे ।
मसूर दाल
मसूर की गिरावट के असर व मांग कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान मसूर दाल की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्ताहांत में भाव इंदौर 7400/7500 रुपए बाढ़ 7550/7850 रुपए, खुशरुपुर 7450/7750 रुपए, मोकामा 7550/7850 रुपए चंदौसी 8500 रुपए व हैदराबाद 7750 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
