साप्ताहिक समीक्षा-मटर
10-Jan-2026 08:57 PM
मांग मजबूत बनी रहने से मटर की कीमतों में बढ़त
कानपुर। चालू सप्ताह के दौरान मटर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला और कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। बीते दिनों भावों में गिरावट आने के बावजूद बाजार में बिकवाली का दबाव अपेक्षाकृत कमजोर बना रहा, जबकि व्यापारिक एवं औद्योगिक मांग के चलते लिवाली मजबूत बनी रही। मांग और आपूर्ति के इस संतुलन ने मटर की कीमतों को सहारा दिया और बाजार में मजबूती का माहौल बना रहा। विश्लेषकों के अनुसार, पोर्ट पर आयातित मटर की उपलब्धता फिलहाल सीमित बनी हुई है। आयातित माल की कमी के चलते आयातकों की ओर से बिकवाली भी सीमित रही, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई का दबाव कम हुआ। आयात से अपेक्षित आवक न होने के कारण बाजार में उपलब्ध स्टॉक पर निर्भरता बढ़ गई है, जो कीमतों के लिए सहायक साबित हो रही है। इसके अलावा, देश में चालू रबी सीजन के दौरान मटर की बिजाई अपेक्षाकृत कमजोर रहने की सूचना है। कमजोर बिजाई को देखते हुए स्टॉकिस्ट और आयातक दोनों ही सावधानी बरतते हुए मटर की बिकवाली धीमी गति से कर रहे हैं। भविष्य में संभावित आपूर्ति घटने की आशंका के चलते बाजार सहभागियों की धारणा मजबूत बनी हुई है।
कनाडा के मटर बाजार में चालू सप्ताह के दौरान भी वही विपणन चुनौतियां बनी रहीं, जो नए साल की शुरुआत से पहले मौजूद थीं। चीन और भारत द्वारा लगाए गए सीमा शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि रूस और यूक्रेन से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा भी यथावत बनी हुई है। पश्चिमी कनाडा की मंडियों में मटर की विभिन्न किस्मों और श्रेणियों के दाम अधिकतर स्थिर रहे या उनमें मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक चीन और भारत जैसे प्रमुख खरीदार देशों की ओर से कोई ठोस संकेत नहीं मिलता, तब तक मटर की कीमतों में बड़े बदलाव की संभावना कम है। पीली मटर का एफओबी भाव लगभग 7 डॉलर प्रति बुशेल के आसपास बना हुआ है, जबकि कुछ चुनिंदा बाजारों में उच्च नमी वाले माल में 10 डॉलर या उससे ऊपर सीमित कारोबार देखा गया। वहीं, मेपल मटर का एफओबी भाव 9.50 से 11.00 डॉलर प्रति बुशेल के बीच बताया जा रहा है। समीक्षकों का कहना है कि मौजूदा भाव उत्पादकों के लिए आकर्षक नहीं हैं। यदि यही स्थिति बनी रही तो अप्रैल से जून के बीच होने वाली मटर की बिजाई में कमी आ सकती है, क्योंकि किसान मटर की बजाय अधिक लाभकारी फसलों को प्राथमिकता दे सकते हैं। हालांकि, यदि जनवरी–मार्च 2026 के दौरान मांग और कीमतों में सुधार के संकेत मिलते हैं, तो बिजाई क्षेत्र में संभावित गिरावट टल सकती है।
आयातकों की बिकवाली कमजोर पड़ने व लिवाली बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान आयातित मटर की कीमतों में 75 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी देखी गयी और इस बढ़ोतरी के साथ भाव सप्ताहांत में मुंबई कनाडा 3950/3975 रुपए रूस 3825/3850 रुपए व मुद्रा कनाडा 3875/3900 रुपए व रूस 3825/3850 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। लिवाली बनी रहने से चालू सप्ताह के दौरान कानपुर मटर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त देखी गयी और भाव सप्ताहांत में 4150/4175 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। इसी प्रकार ललितपुर मटर की कीमतों में भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल तेजी के साथ भाव सप्ताहंत में 3600/4050 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। मांग मजबूत बनी रहने महोबा मटर में भी इस साप्ताह 300 रुपए प्रति क्विंटल का उछाल दर्ज किया साथ भाव सप्ताहंत में 3800/4200 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। बिकवाली कमजोर पड़ने व लिवाली बढ़ने उरई मटर में भी इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल बढ़कर सप्ताहांत में 3600/3900 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। इसी प्रकार मऊरानीपुर मटर मे भी 50 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गयी और इस बढ़ोतरी के साथ भाव सप्ताहंत में 3600/3700 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। चौतरफा तेजी समर्थन व मांग बढ़ने से मध्य प्रदेश मटर की कीमतों में इस साप्ताह 200/275 रुपए प्रति क्विंटल का क्विंटल की तेजी दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में बीना 3500/3800 रुपए व दमोह 3700/3900 रुपए प्रति क्विंटल हो गए।
मटर दाल
मटर की तेजी के समर्थन व मांग बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान मटर दाल की कीमतों में 50 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी देखी गयी और सप्ताहंत में भाव कानपुर 4350/4400 रुपए व इंदौर 4400/4500 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।
