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साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

03-Oct-2026 07:14 PM

साप्ताहिक समीक्षा- सरसों
बेहतर कारोबार के साथ सरसों दाम में अच्छी तेजी 

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में सीमित आपूर्ति होने तथा व्यापारियों एवं तेल मिलर्स की मांग मजबूत रहने से 26 सितम्बर- 2 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में 100 से 400 रुपए प्रति क्विंटल की भारी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
42% कंडीशन सरसों 
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 250 रुपए उछलकर 8500 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 150 रुपए बढ़कर 8650 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। एक-दो को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख मंडियों में सामान्य श्रेणी की सरसों का भाव 100-400 रुपए उछलकर 8000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया। हरियाणा की आदमपुर मंडी में सरसों का मूल्य 400 रुपए की जोरदार वृद्धि के साथ 8300 रुपए प्रति क्विंटल हो गया।
हरियाणा / एमपी  
हरियाणा की अन्य मंडियों में सरसों के दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ। इसमें बरवाला, हिसार, चरखी दादरी एवं सिरसा जैसी मंडियां भी शामिल है। इसी तरह मध्य प्रदेश में सरसों का भाव मुरैना एवं पोरसा में 100-100 रुपए तथा ग्वालियर में 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश में भी सरसों की कीमत हापुड़ मंडी में 150 रुपए तथा आगरा मंडी में 200 रुपए प्रति क्विंटल तेज रही। कोलकाता में 150 रुपए का सुधार आया। 
राजस्थान  
सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान की तमाम मंडियों में सरसों के दाम में 100 से 250 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई। बूंदी में भाव 250 रुपए बढ़कर 8700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। भरतपुर में भी 175 रुपए की तेजी रही। नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों के पास सरसों का नगण्य स्टॉक बच हुआ है इसलिए उसे बाजार में प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने में सहायता नहीं मिल रही है। 
सरसों तेल 
सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी की कीमतों में भी प्रति 10 किलो पर 10 से 40 रुपए तक की बढ़ोत्तरी हुई। दिल्ली एवं चरखी दादरी में एक्सपेलर का दाम 20 रुपए बढ़कर 1695 रुपए प्रति 10 किलो हो गया। बीकानेर में यह 40 रुपए उछलकर 1710 रुपए पर पहुंच गया। सरसों तेल की घरेलू मांग एवं खपत लगातार बढ़ती जा रही है। 
आवक / खल-डीओसी 
इससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है, देशभर की मंडियों में रोजाना 1.50-2.25 लाख बोरी (50 किलो की प्रत्येक बोरी) सरसों की आवक हुई। सरसों खल एवं डीओसी की मांग भी मजबूत देखी गई।