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साप्ताहिक समीक्षा- धनिया

03-Oct-2026 07:19 PM

साप्ताहिक समीक्षा- धनिया
धनिया में व्यापार कम : भाव नरम

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान धनिया में कारोबार कम रहा। भाव दबे रहे। सूत्रों का कहना है कि जल्द ही बिजाई वालों की खरीद बढ़ने की संभावना है। जबकि मंडियों में आवक काफी कम रह गई है। जिस कारण धनिया की कीमतों में सुधार होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि चालू सीजन के दौरान देश में धनिया का उत्पादन कम होने के कारण गत दिनों उत्पादक केन्द्रों की मंडियों सहित खपत केन्द्रों पर भी धनिया के भाव रिकॉर्ड स्तर पर बोले जाने लगे थे। उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल का भाव 155/158 रुपए के स्तर पर पहुंच गया था। लेकिन ऊंचे भावों पर एक ओर जहां मांग प्रभावित हुई वहीं दूसरी तरफ आयातकों ने आयात भी किया जिस कारण से भाव घटने शुरू हो गए वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर धनिया ईगल का भाव 142/145 रुपए पर आ गया है। मगर सूत्रों का कहना है कि चालू माह के दौरान मांग बढ़ने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि धनिया कीमतों में 5/8 रुपए प्रति किलो की तेजी बन जानी चाहिए। 
आवक कम
कुल उत्पादन का अधिकांश माल मंडियों में आ जाने के कारण मंडियों में किसानी माल की आवक काफी कम रह गई है। गुजरात की प्रमुख मंडी गोंडल में आवक 1000 बोरी एवं राजकोट में 150/200 बोरी की रह गई है। जबकि राजस्थान की रामगंज मंडी में आवक 1800/2000 बोरी एवं बारां एवं कोटा में आवक 400/500 बोरी की चल रही है। मध्य प्रदेश की गुणा मंडी में आवक 1500/2000 बोरी एवं कुम्भराज 1000/1500 बोरी की चल रही है। नीमच मंडी में आवक 700/800 बोरी की रही। 
उत्पादन कम 
उत्पादकों को उनकी उपज का उचित मूल्य न मिलने के कारण विगत तीन वर्षों से देश में धनिया का उत्पादन घट रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में देश में धनिया का उत्पादन रिकॉर्ड स्तर 1.60 करोड़ बोरी का हुआ था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.20 करोड़ बोरी एवं वर्ष 2025 में 1.10 करोड़ बोरी का रह गया। चालू सीजन 2026 के दौरान उत्पादन 95/97 लाख बोरी का माना गया है।
स्टॉक 
पैदावार में कमी आने के कारण प्रत्येक वर्ष स्टॉक का माल भी खपत में जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान नई फसल के समय उत्पादक केन्द्रों पर धनिया का स्टॉक 24/25 लाख बोरी का माना गया था जोकि इस वर्ष समाप्त हो जाएगा। वर्तमान में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात में स्टॉक 8/10 लाख बोरी का माना जा रहा है जबकि मध्य प्रदेश में 10/12 लाख बोरी स्टॉक होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। राजस्थान में स्टॉक 4/5 लाख बोरी होने की संभावना  है।
बिजाई 
चालू माह के अंत तक उत्पादक केन्द्रों पर धनिया की बिजाई का कार्य शुरू हो जाएगा। इस वर्ष कीमतों में रिकॉर्ड तेजी  आने के कारण संभावना व्यक्त की जा रही है कि इस वर्ष उत्पादक केन्द्रों पर धनिया की बिजाई गत वर्ष की तुलना में 30/40 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की जाएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के लिए देश में धनिया की बिजाई 2.97 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जबकि वर्ष 2025 में बिजाई का क्षेत्रफल 3.36 लाख हेक्टेयर का रहा था। धनिया का मुख्यत: उत्पादन गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में होता है। 
अधिक मंदा नहीं 
वर्तमान में धनिया के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं लेकिन स्टॉक कम रह जाने एवं स्टॉक भी मजबूत हाथों में होने के कारण कीमतों में अधिक मन्दा संभव नहीं है। सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया का स्टॉक 24/25 लाख बोरी का माना जा रहा है जबकि नई फसल आने में अभी लगभग 6 माह का समय शेष है। आगामी 6 माह की खपत के लिए धनिया की आवश्यकता 42/45 लाख बोरी की रहती है। अतः भविष्य में फिर धनिया के दाम बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। 
निर्यात
भाव ऊंचे होने के कारण वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही में धनिया का निर्यात मात्रात्मक रूप में 24 प्रतिशत घटा है लेकिन निर्यात भाव अधिक मिलने के कारण आय में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून- 2026 के दौरान धनिया का निर्यात 14556 टन का किया गया और निर्यात से प्राप्त आय 214.52 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल- जून - 2025 के दौरान निर्यात 19101 टन का रहा था और प्राप्त आय 191.57 करोड़ की रही। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60211 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 679.70 करोड़ की रही।