साप्ताहिक समीक्षा - सरसों

26-Apr-2025 07:53 PM

नए माल की जोरदार आवक एवं सरकारी खरीद से बाजार में उतार-चढ़ाव  

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में सरसों के नए माल की भरपूर आवक होने के साथ-साथ  उसकी सरकारी एवं व्यापारिक खरीद भी जारी है। इसके फलस्वरूप 19-25 अप्रैल वाले सप्ताह के दौरान सरसों का भाव कुछ मंडियों में तेज तथा कुछ अन्य मंडियों में नरम देखा गया। 
42% कंडिशन सरसों 
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 6100 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा जबकि जयपुर में 25 रुपए सुधरकर 6325/6350 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। अच्छी आवक एवं कमजोर उठाव के कारण सामान्य श्रेणी का सरसों का भाव गुजरात की डीसा एवं धनेरा मंडी में 200 रुपए प्रति क्विंटल नीचे आया और हरियाणा में भी इसमें 100 रुपए तक की गिरावट रही। लेकिन मध्य प्रदेश में भी हापुड़ तथा आगरा की मंडियों में दाम 125 रुपए सुधरकर मगर कोलकाता में 150 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी रही। 
राजस्थान 
सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में आमतौर पर सरसों के दाम में 50-100 रुपए की तेजी देखी गई लेकिन कोटा एवं बीकानेर में भाव 100 रुपए नीचे गिर गया। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) इस बार 5630 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए बढ़ाकर 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि सामान्य औसत क्वालिटी के माल का थोक मंडी भाव घटकर इससे कुछ नीचे आ गया है। इसके फलस्वरूप सरकारी एजेंसी को भारी मात्रा में इसकी खरीद करनी पर सकती है। व्यापरियों एवं मिलर्स का ध्यान सरकारी खरीद पर केन्द्रित है। पिछले रबी सीजन में लगभग 20 लाख टन सरसों की सरकारी खरीद हुई थी। 
आवक  
प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में 19 अप्रैल को 5.50 लाख बोरी, 21 अप्रैल को 7.50 लाख बोरी, 22 अप्रैल को 7.25 लाख बोरी, 23-24 अप्रैल को 7-7 लाख बोरी तथा 25 अप्रैल को 6.75 लाख बोरी सरसों की आवक हुई थी जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।
सरसों तेल 
सरसों के दाम में उतार-चढ़ाव के कारण सरसों तेल की कीमत में भी थोड़ी बहुत घट-बढ़ दर्ज की गई। दिल्ली में एक्सपेलर का दाम 5 रुपए सुधरकर 1290 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा। इसी तरह चरखी दादरी में यह 10 रुपए की वृद्धि के साथ 1295 रुपए प्रति 10 किलो हो गया लेकिन बीकानेर में भाव 20 रुपए की गिरावट के साथ 1230 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।