साप्ताहिक समीक्षा-सरसों

03-May-2025 07:42 PM

सरकारी खरीद के सहारे सरसों के दाम में सुधार 

नई दिल्ली। मोटे अनुमान के अनुसार अप्रैल माह के दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा किसानों से 5950 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर करीब 9 लाख टन सरसों की खरीद की गई जबकि मार्च में लगभग 50 हजार टन की खरीद हुई थी। क्रशर्स- प्रोसेसर्स एवं व्यापारियों / स्टॉकिस्टों द्वारा भी अच्छी मात्रा में सरसों की खरीद की जा रही है। इसके फलस्वरूप 26 अप्रैल से 2 मई वाले सप्ताह के दौरान प्रमुख उत्पादक में सरसों के दाम में 50 से 100 रुपए प्रति क्विंटल तक का सुधार दर्ज किया गया। 
42% कंडीशन सरसों 
42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली में 25 रुपए सुधरकर 6125 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 75 रुपए बढ़कर 6300/6325 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। गुजरात की डीसा मंडी 100 रुपए तेज रही जबकि हरियाणा की कुछ मंडियों में 25-45 रुपए की वृद्धि हुई। मध्य प्रदेश में सरसों का भाव पुराने स्तर पर ही स्थिर रहा। राजस्थान की बूंदी मंडी में सरसों का भाव 300 रुपए घटकर 5600/5800 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया लेकिन अन्य मंडियों में 50 से 130 रुपए प्रति क्विंटल तक की तेजी रही। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सरसों का भाव 50 रुपए एवं आगरा में 25 रुपए सुधरा / कोलकाता में भी 50 रुपए का सुधर आया। 
सरसों तेल 
सरसों की कीमतों में हुई सीमित बढ़ोत्तरी के कारण सरसों तेल का दाम भी कुछ सुधर गया। एक्सपेलर का भव दिल्ली में 5 रुपए सुधरकर 1290 रुपए प्रति 10 किलो, चरखी दादरी में 12 रुपए बढ़कर 1297 रुपए, मुरैना में 100 रुपए सुधरकर 1310 रुपए तथा कोटा में 12 रुपए बढ़कर 1286 रुपए प्रति 10 किलो हो गया। कच्ची घानी सरसों तेल के दाम में भी 10-15 रुपए का सुधार आया लेकिन गंगा नगर आगरा में इसके मूल्य में 10-10 रुपए की गिरावट रही। भरतपुर में भाव 10 रुपए सुधरने की खबर है।
आवक 
प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में सरसों की आवक सामान्य स्तर से कम देखी गई। समझा जाता है कि उत्पादक सरकारी क्रय केन्द्रों पर ज्यादा माल उतार रहे हैं क्योंकि वहां समर्थन मूल्य पर इसकी खरीद हो रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार थोक मंडियों में 26 अप्रैल को 5.50 लाख बोरी, 28 अप्रैल को 6.25 लाख बोरी एवं 29 अप्रैल के 5.25 लाख बोरी सरसों की आवक हुई जबकि इसकी मात्रा 30 अप्रैल को 4.25 लाख बोरी, 1 मई को 3.50 लाख बोरी एवं 2 मई को 4.50 लाख बोरी दर्ज की गई। प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।