साप्ताहिक समीक्षा-सरसों
12-Jul-2025 07:30 PM
मिलर्स एवं व्यापारियों की मजबूत मांग से सरसों में भारी तेजी
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण थोक मंडियों में माल की आवक सामान्य से कम होने तथा तेल मिलर्सएवं व्यापरियों, स्टॉकिस्टों की मांग मजबूत रहने से सरसों की कीमतों में पिछले कुछ सप्ताहों से भारी तेजी का सिलसिला बना हुआ है।
42% कंडीशन सरसों
5 से 11 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडिशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 150 रुपए बढ़कर 7000 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 125 रुपए बढ़कर 7200/7225 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
हरियाणा / एमपी
इसी तरह सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों का भाव हरियाणा की मंडियों में 100-150 रुपए प्रति क्विंटल तथा मध्य प्रदेश में 150-200 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। महत्वपूर्ण बात यह है कि सभी प्रमुख मंडियों में सरसों का भाव बढ़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर पहुंच गया है जिससे सरकारी एजेंसियों को किसानों से खरीदे गए स्टॉक की बिक्री करने में अच्छी सफलता मिल रही है। सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2023-24 सीजन के 5650 रुपए प्रति क्विंटल से 300 रुपए बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जबकि सिर्फ बीकानेर को छोड़कर अन्य सभी मंडियों में इस महत्वपूर्ण तिलहन का भाव 6000-7000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है। इससे किसानों को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है।
राजस्थान / उत्तर प्रदेश
राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की मंडियों में सरसों की सामान्य आवक एवं मजबूत मांग से कीमत काफी तेजी से बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश के आगरा में सरसों का भाव उछलकर 7550/7825 रुपए प्रति क्विंटल के उच्च स्तर पर पहुंच गया है। कोलकाता में भी दाम 7000 रुपए प्रति क्विंटल से ऊपर चल रहा है।
आवक
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान प्रमुख थोक मंडियों में 5 जुलाई को 3.25 लाख बोरी, 7 जुलाई को 4.00 लाख बोरी, 8 जुलाई को भी 4.00 लाख बोरी, 9 जुलाई को 3.75 लाख बोरी, 10 जुलाई को 3.50 लाख बोरी और 11 जुलाई को भी 3.50 लाख बोरी सरसों की आवक हुई जबकि प्रत्येक बोरी 50 किलो की होती है।
सरसों तेल
सरसों के भाव में जोरदार वृद्धि होने से सरसों तेल की दोनों श्रेणी- एक्सपेलर एवं कच्ची घानी का दाम भी 4-5 रुपए प्रति किलो तेज हो गया। दिल्ली में एक्सपेलर का मूल्य 40 रुपए की वृद्धि के साथ 1530 रुपए प्रति 10 किलो और चरखी दादरी में 50 रुपए बढ़कर 1550 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। अधिकांश केन्द्रों में सरसों तेल का दाम 150 रुपए प्रति किलो से ऊपर ही रहा। हापुड़ तथा आगरा में कच्ची घानी सरसों तेल का मूल्य 70 रुपए उछलकर क्रमश: 1680/1750 रुपए प्रति 10 किलो एवं 1580 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया।
सरसों खल (डीओसी)
लेकिन आश्चर्जनक रूप से ऊंचे दाम पर मांग कमजोर पड़ने से सरसों खल एवं डीओसी की कीमतों में नरमी आ गई। सरसों खल के दाम में 20 से 50 रुपए प्रति क्विंटल तथा सरसों डीओसी के मूल्य में 400 से 1200 रुपए प्रति टन तक की गिरावट दर्ज की गई। निर्यात मांग कमजोर पड़ गई है और घरेलू प्रभाग में भी इसके कारोबार की गति धीमी है।
