साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

16-Aug-2025 05:32 PM

क्रशिंग इकाइयों की मांग कायम रहने से सरसों का भाव तेज 

नई दिल्ली। मंडियों में मांग की अपेक्षा आपूर्ति कम होने, सरकारी एजेंसियों के पास भी स्टॉक घट जाने तथा तैयार उत्पादों का भाव ऊंचा रहने से 9-15 अगस्त 2025 वाले सप्ताह के दौरान सरसों के दाम में आमतौर पर 100-200 रुपए की तेजी रही जबकि राजस्थान के भरतपुर में यह 950 रुपए की जबरदस्त उछाल के साथ 7000 रुपए  प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। 
42% कंडीशन सरसों 
वैसे 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 7100 रुपए प्रति क्विंटल के पुराने स्तर पर स्थिर रहा और जयपुर में भी महज 50 रुपए सुधरकर 7450/7475 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच सका। 
हरियाणा / एमपी / राजस्थान  
लेकिन सामान्य औसत क्वालिटी की सरसों का मूल्य हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान की मंडियों में 100-150 रुपए प्रति क्विंटल तेज हो गया। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की आगरा मंडी में इसकी कीमत 100 रुपए की बढ़त के साथ 7750/8050 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया।
सरसों  
सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस बार 5950 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित है जबकि तमाम मंडियों में भाव इससे ऊपर चल रहा है। इससे किसानों को अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। नैफेड-हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों को इस अपेक्षाकृत कम मात्रा में सरसों खरीदने का अवसर मिला था जबकि ऊंचे बाजार भाव के कारण उसे अपने स्टॉक को तेजी से बेचने का मौका मिल रहा है। 
सरसों तेल 
सरसों की कीमतों में अच्छी तेजी के बावजूद सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी के दाम में महज 10-15 रुपए का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया क्योंकि इसका भाव पहले ही उछलकर अत्यन्त ऊंचे स्तर पर पहुंच चुका है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली में एक्सपेलर तेल का भाव 15 रुपए बढ़कर 1580 रुपए प्रति 10 किलो तथा कोटा में कच्ची घानी तेल का दाम 65 रुपए उछलकर 1660 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। चरखी दादरी में एक्सपेलर 20 रुपए मजबूत हुआ। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल एवं डीओसी में सामान्य कारोबार हुआ। सरसों खल की कीमतों में 50 से 120 रुपए प्रति क्विंटल तक का इजाफा जबकि सरसों डीओसी में भी कुछ तेजी रही। सरसों की आवक कम हो रही।