साप्ताहिक समीक्षा-सरसों
15-Nov-2025 08:15 PM
डीओसी की मजबूत मांग से सरसों के दाम में सुधार
नई दिल्ली। चीन में भारतीय सरसों खल (रेपसीड मील) की मांग मजबूत बनी हुई है जबकि घरेलू बाजार में सरसों तेल का दाम ऊंचे स्तर पर बरकरार है। इसके फलस्वरूप क्रशिंग इकाइयों द्वारा सरसों की खरीद में अच्छी दिलचस्पी दिखाई जा रही है। दूसरी ओर आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से मंडियों में सरसों की आवक अपेक्षाकृत कम हो रही है। इसके फलस्वरूप 8-10 नवम्बर वाले सप्ताह के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सरसों के दाम में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा हो गया। राजस्थान के कोटा में सरसों का भाव 400 रुपए की जोरदार बढ़ोत्तरी के साथ 6000/6800 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा गया।
42% कंडीशन सरसों
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव दिल्ली में 100 रुपए बढ़कर 7100 रुपए प्रति क्विंटल तथा जयपुर में 25 रुपए सुधरकर 7300 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा।
सरसों
सामान्य औसत क्वालिटी की सरसों का मूल्य गुजरात के डीसा में 150 रुपए हरियाणा के सिरसा में 200 रुपए, मध्य प्रदेश का ग्वालियर में 100 रुपए, उत्तर प्रदेश के आगरा में 75 रुपए तथा पश्चिम बंगाल के कोलकाता में 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया। इस तरह सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान में सरसों का दाम बूंदी में 100 रुपए बढ़कर 6200/6400 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर अन्य मंडियों में कुछ नरम या स्थिर देखा गया।
सरसों तेल
आलोच्य सप्ताह के दौरान सरसों तेल का कारोबार सामान्य होने से कीमतों में कुछ सुधार देखा गया। दिल्ली में एक्सपेलर का भाव 1460 रुपए प्रति 10 किलो पर स्थिर रहा लेकिन मुम्बई में यह 60 रुपए उछलकर 1520 रुपये तथा लुधियाना में 30 रुपए बढ़कर 1470 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। कच्ची घानी सरसों तेल के दाम में भी कुछ सुधार आया। प्रमुख थोक मंडियों में सरसों की आवक की गति कुछ धीमी पड़ गई है।
सरसों खल (डीओसी)
सरसों डीओसी में मजबूत मांग के कारण कीमतों में 1000 रुपए प्रति टन की वृद्धि हुई और सरसों खल का दाम भी 30 से 80 रुपए प्रति क्विंटल तक तेज हो गया। प्रमुख उत्पादक राज्यों में सरसों की जोरदार बिजाई अभी जारी है जिसमें राजस्थान भी शामिल है।
