साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

10-Jan-2026 08:03 PM

आपूर्ति घटने एवं मांग मजबूत रहने से सरसों के मूल्य में सुधार 

नई दिल्ली। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में सरसों की आवक कम हो रही है जबकि तेल एवं खल की मांग मजबूत बनी हुई है। जाड़े के दिनों में अक्सर सरसों तेल की खपत बढ़ने की परिपाटी रही है। उत्पादकों एवं स्टॉकिस्टों के साथ-साथ सरकारी एजेंसियों के पास भी सरसों का कम स्टॉक बचा हुआ है। अगले महीने से नई सरसों की छिटपुट आवक शुरू होने वाली है जबकि मार्च में जोरदार आपूर्ति होने लगेगी।
42% कंडीशन सरसों  
सीमित आवक एवं मजबूत मांग के कारण 3 से 9 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली और जयपुर में 50-50 रुपए सुधरकर क्रमश: 6950 रुपए एवं 7150 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। 
सरसों 
सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमतों में भी अधिकांश मंडियों में तेजी देखी गई। गुजरात में भाव 20-25 रुपए नरम रहा और हरियाणा की सिरसा मंडी में यह 200 रुपए घटकर 6500 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। दूसरी ओर सरसों का दाम मध्य प्रदेश में 50-100 रुपए प्रति क्विंटल, राजस्थान में 225 रुपए प्रति क्विंटल तक तथा उत्तर प्रदेश में 50-75 रुपए प्रति क्विंटल सुधर गया। राजस्थान के कोटा में सरसों का भाव 225 रुपए की वृद्धि के साथ 6200/6700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। गंगा नगर में भी 165 रुपए की तेजी रही। 
सरसों तेल 
सरसों तेल एक्सपेलर एवं कच्ची घानी में अच्छा कारोबार हुआ जिससे कीमतों में 2 से 5 रुपए प्रति किलो तक की तेजी दर्ज की गई। दिल्ली में एक्सपेलर का दाम 20 रुपए तथा गंगानगर में 50 रुपए बढ़कर 1430 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। बीकानेर में एक्सपेलर का दाम 40 रुपए की वृद्धि के साथ 1460  रुपए पर पहुंचा। इसी तरह हापुड़ में कच्ची घानी सरसों तेल की कीमत 10 रुपए सुधरकर 1550/1570 रुपए प्रति 10 किलो हो गई। 
सरसों खल (डीओसी) 
सरसों खल की कीमतों में कुछ नरमी देखी गई लेकिन डीओसी में बेहतर कारोबार के कारण 800 रुपए प्रति टन तक की तेजी आई। 
बिजाई / उत्पादन 
सरसों की बिजाई लगभग समाप्त हो चुकी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार रकबा बढ़ा है और मौसम भी संतोषजनक है। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2025-26 के मौजूदा रबी सीजन के लिए 139 लाख टन सरसों के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।