साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन
15-Mar-2025 08:31 PM
प्लांटों की सीमित लिवाली से सोयाबीन का भाव कमजोर
नई दिल्ली। तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी भाव पहले ही घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से काफी नीचे आ चुका है और सरकारी खरीद भी बढ़कर नए रिकॉर्ड पर पहुंच गई मगर फिर भी क्रशिंग इकाइयों की लिवाली सीमित बनी हुई है जिससे सोयाबीन की कीमतों में नरमी का माहौल देखा जा रहा है।
सोया प्लांट
8 से 14 मार्च वाले सप्ताह के दौरान सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य मध्य प्रदेश में 4050 से 4225 रुपए प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में 4100 से 4250 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजस्थान में 4050 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया जो 4892 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे है।
सोया तेल (रिफाइंड)
सोया रिफाइंड तेल के दाम पर भी दबाव देखा गया। त्यौहारी मांग के बावजूद इसकी कीमत 15 से 50 रुपए प्रति 10 किलो तक घट गया। मंदसौर (एमपी) की एक इकाई में यह 55 रुपए घटकर 1285 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। महाराष्ट्र में भी 10-20 रुपए की नरमी रही। विदेशों से अच्छी मात्रा में सोया तेल का आयात का आयात हो रहा है जिससे घरेलू प्रभाग में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति सुगम बनी हुई है। सोया रिफाइंड तेल का भाव कोटा एवं कांडला में 15-15 रुपए, मुम्बई में 10 रुपए एवं हल्दिया में 20 रुपए नरम रहा।
आवक
घरेलू मंडियों में सोयाबीन की आवक 10 मार्च को 2.55 लाख बोरी हुई थी जो 11 मार्च को घटकर 2.00 लाख बोरी एवं 12 मार्च को गिरकर 1.70 लाख बोरी (100 किलो की प्रत्येक बोरी) रह गई।
सोया खल (डीओसी)
सोया डीओसी की घरेलू एवं निर्यात मांग सामान्य से कम होने तथा उपलब्धता ज्यादा रहने से कीमतें प्रभावित हुई। इसके दाम में 300 से 500 रुपए प्रति टन की गिरावट दर्ज की गई। इसका दाम 25000 से 30000 रुपए प्रति टन के बीच रहा। वैश्विक बाजार में भाव ऊपर-नीचे होने का असर घरेलू बाजार पर भी देखा गया।
स्टॉक
सरकारी एजेंसी- नैफेड के पास सोयाबीन का विशाल स्टॉक मौजूद है और वह इसे खुले बाजार में उतारने के लिए बैचेन है। बाजार में सरकारी स्टॉक के पहुंचने पर सोयाबीन का भाव घटकर और भी नीचे आने की आशंका है। पॉल्ट्री फीड में सोयामील का उपयोग घटने के संकेत मिल रहे हैं।
