साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन

14-Jun-2025 07:59 PM

आपूर्ति एवं उपलब्धता में वृद्धि से सोयाबीन के दाम पर दबाव 

नई दिल्ली। किसानी माल के साथ-साथ सरकारी स्टॉक के भी उतरने तथा सीमा शुल्क में कटौती होने से तेल का आयात सस्ता होने से सोयाबीन के घरेलू बाजार मूल्य में 7-13 जून वाले सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र में गिरावट आई जबकि राजस्थान में स्थिरता देखी गई। 
आयात शुल्क में कटौती 
केन्द्र सरकार ने 30 मई को क्रूड श्रेणी के सोया तेल, पाम तेल एवं सूरजमुखी तेल पर मूल आयात शुल्क को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत नियत कर दिया था। इसके फलस्वरूप खाद्य तेल कंपनियों ने अपने उत्पाद का दाम घटाना शुरू कर दिया है। 
सोया तेल (रिफाइंड)
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया रिफाइंड तेल के दाम में काफी हद तक स्थिरता बनी रही जबकि कुछ ब्रांडों में भाव 5-10 रुपए प्रति 10 किलो नरम पड़ गए। सोया रिफाइंड तेल का मूल्य कोटा एवं मुम्बई में 5-5 रुपए, कांडला में 15 रुपए नरम रहा मगर हल्दिया में 5 रुपए सुधर गया। 7 जून को देशभर की मंडियों में 2.20 लाख बोरी (क्विंटल) सोयाबीन की आपूर्ति हुई।
सोया डीओसी  
सोया डीओसी का कारोबार सुस्त देखा गया जिससे इसकी कीमतों में स्थिरता या नरमी का रुख बना रहा। आमतौर पर इसमें 200 से 500 रुपए प्रति टन तक की गिरावट दर्ज की गई। इंदौर की सुप्रसिद्ध संस्था- सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिशन ऑफ इंडिया (सोपा) के आंकड़ों से पता चलता है कि 2023-24 सीजन की तुलना में 2024-25 के मार्केटिंग सीजन की शुरुआत आठ महीनों में यानी अक्टूबर- 2024  से मई 2025 के दौरान देशभर की मंडियों में सोयाबीन की कुल आवक 89.50 लाख टन से घटकर 83.50 लाख टन पर अटक गई और इसकी क्रशिंग भी 86.50 लाख टन से गिरकर 79 लाख टन रह गई। 
उत्पादन / स्टॉक 
हालांकि सोपा ने सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2023-24 सीजन के 118.74 लाख टन से 7.08 लाख टन बढ़कर 2024-25 के सीजन में 125.82 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है मगर पिछला बकाया स्टॉक बहुत कम रहने तथा आयात में भी भारी कमी आने से इसकी कुल उपलब्धता में काफी गिरावट आ जाएगी। सीड निर्माण उद्योग में सोयामील की खपत घट रही है और सोया डीओसी का निर्यात भी पिछले साल की तुलना में इस बार कम हो रहा है।