साप्ताहिक समीक्षा-सोयाबीन
04-Oct-2025 07:53 PM
मिलर्स की कमजोर मांग से महाराष्ट्र में सोयाबीन का भाव नरम
नई दिल्ली। तीनों शीर्ष उत्पादक प्रांतों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन फसल की छिटपुट कटाई-तैयारी आरंभ हो चुकी है और मंडियों में इसकी आपूर्ति का दबाव बढ़ने लगा है।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश एवं राज्थान में इस महत्वपूर्ण तिलहन के दाम में 27 सितम्बर - 3 अक्टूबर वाले सप्ताह के दौरान सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया मगर महाराष्ट्र में इसके प्लांट डिलीवरी मूल्य में 150 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई।
हैरत की बात है कि प्राकृतिक आपदाओं से सोयाबीन की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र में ही होने की आशंका है लेकिन फिर भी वहां कीमतों में तेजी के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं।
प्लांट डिलीवरी भाव
सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी मूल्य 4550-4650 रुपए प्रति क्विंटल रहा जो 5328 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे है। मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए इस बार भावान्तर भुगतान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है जबकि अन्य उत्पादक प्रांतों में किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर इसकी खरीद की जाएगी। सरकार को एक बार फिर विशाल मात्रा में सोयाबीन की खरीद करनी पड़ेगी।
सोया तेल (रिफाइंड)
वैसे त्यौहारी मांग के कारण समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोया रिफाइंड तेल के दाम में ज्यादा गिरावट नहीं आई। विदेशों से सस्ते सोया तेल का भारी आयात हो रहा है और चालू माह के दौरान इसका सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
भाव
भारतीय आयातकों द्वारा अर्जेन्टीना से विशाल मात्रा में क्रूड सोया तेल के आयात का अनुबंध किया गया है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सोयाबीन तेल का भाव कोटा में 1270 रुपए प्रति 10 किलो के पिछले स्तर पर स्थिर रहा जबकि मुम्बई में 10 रुपए गिरकर 1250 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया। उधर कांडला में यह 15 रुपए तेज होकर 1245 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। विदेशों से आयातित क्रूड सोया तेल का दाम कमजोर रहा।
सोया खल (डीओसी)
महाराष्ट्र में सोयाबीन डीओसी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया कुछ प्लांटों में भाव 2000 रुपए प्रति टन तक घट गए जबकि कुछ में 500 रुपए तक की बढ़ोत्तरी देखी गई।
