साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन
09-May-2026 07:44 PM
साप्ताहिक समीक्षा- सोयाबीन
प्लांटों की जोरदार लिवाली से सोयाबीन के दाम में उछाल
नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में खाद्य तेलों एवं ऑयल मील का भाव तेज होने तथा आयात खर्च में वृद्धि होने से घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर पड़ने के कारण कीमतों का स्तर ऊंचा होने से सोयाबीन सहित अन्य प्रमुख तिलहनों के दाम में तेज-मजबूती का माहौल देखा जा रहा है।
प्लांट भाव
क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों द्वारा जोरदार लिवाली किए जाने से 2-8 मई वाले सप्ताह के दौरान तीनों शीर्ष उत्पादक राज्यों- मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान में सोयाबीन के प्लांट डिलीवरी मूल्य में 300 रुपए प्रति क्विंटल तक का उछाल दर्ज किया गया। सोयाबीन का भाव पहले ही सरकारी समर्थन मूल्य (5328 रुपए प्रति क्विंटल) से काफी ऊंचा हो गया था जबकि अब इसमें और भी बढ़ोत्तरी हो गई है। मध्य प्रदेश की एक-दो इकाइयों के लिए इसका दाम 6500-6600 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर पहुंच गया। महाराष्ट्र में तो यह ऊंचे में 7000 रुपए तथा राजस्थान में 7100 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा। मंडियों में सोयाबीन की सीमित आवक हो रही है।
सोया तेल (रिफाइंड)
हैरानी की बात है कि सोयाबीन की कीमतों में जोरदार तेजी आने के बावजूद सोया रिफाइंड तेल का भाव नरम रहा। इसमें 2.50 रुपए प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई। क्रशिंग-प्रोसेसिंग मिलों से इतर सोया रिफाइंड तेल का दाम कोटा और कांडला में 30-30 रुपए घटकर क्रमश: 1500 रुपए एवं 1460 रुपए प्रति 10 किलो रह गया। इसी तरह मुम्बई में भाव 20 रुपए गिरकर 1460 रुपए तथा हल्दिया में 15 रुपए फिसलकर 1460 रुपए प्रति 10 किलो पर आ गया।
आवक
घरेलू थोक मंडियों में 2 मई को 80 हजार बोरी तथा 4 मई को 1.35 लाख बोरी (100 किलो की प्रत्येक बोरी) सोयाबीन की आवक हुई।
सोया खल (डीओसी)
सोया रिफाइंड तेल के विपरीत सोया डीसी की कीमतों में 4000 रुपए प्रति टन तक का इजाफा दर्ज किया गया। इसकी घरेलू मांग सामान्य रही। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में लम्बी तेजी के बाद सोयाबीन तेल के दाम में कुछ गिरावट आई जिसके प्रभाव से घरेलू बाजार भी नरम पड़ गया।
