साप्ताहिक समीक्षा-तुवर

06-Jun-2026 09:04 PM

तुवर बाजार में लगातार गिरावट, कमजोर मांग से बढ़ा दबाव

मुम्बई। बिकवाली का दबाव बढ़ने तथा ग्राहकी का अभाव बने रहने से चालू सप्ताह के दौरान भी तुवर बाजार में गिरावट का रुख जारी रहा। तुवर दाल की मांग कमजोर रहने के कारण दाल मिलों की खरीदारी सुस्त बनी हुई है, जिससे कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है। तुवर दाल में उठाव अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। खुदरा और थोक दोनों स्तरों पर मांग कमजोर रहने से मिलर्स जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप बाजार में लिवाली का अभाव बना हुआ है और भावों में नरमी का दौर जारी है। दूसरी ओर आयातित तुवर की पर्याप्त उपलब्धता भी बाजार पर दबाव बढ़ा रही है। बंदरगाहों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद होने तथा आयातकों की सक्रिय बिकवाली के कारण घरेलू बाजार में आपूर्ति बनी हुई है। बढ़ती बिकवाली के चलते बाजार की धारणा कमजोर बनी हुई है और कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक तुवर दाल की मांग में उल्लेखनीय सुधार नहीं होता, तब तक कीमतों में बड़ी तेजी की संभावना कम दिखाई देती है। हालांकि निचले स्तरों पर कुछ मांग निकलने की उम्मीद है, जिससे आगे चलकर बाजार को सीमित समर्थन मिल सकता है। फिलहाल पर्याप्त आपूर्ति, कमजोर मांग और आयातकों की बढ़ती बिकवाली के कारण तुवर बाजार का रुख मंदी वाला बना हुआ है। आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने तथा मांग कमजोर पड़ने से मुंबई अफ्रीकन तुवर की कीमतों में चालू सप्ताह के दौरान 100/150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताहांत में मोजाम्बिक सफेद के भाव 6200 रुपए, गजरी 6100 रुपए, मटवारा 6000 रुपए, मलावी 5800 रुपए तथा सूडान 7800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। वहीं दूसरी ओर चेन्नई बाजार में तुवर लेमन की कीमतों में भी इस सप्ताह 200 रुपए प्रति क्विंटल का  मंदा देखा गया, जिसके बाद सप्ताहांत में भाव 7550 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
आयातित     
निर्यात मांग सुस्त बनी रहने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 5 डॉलर प्रति टन की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में  840 डॉलर प्रति टन हो गयी।                                                                                                                                          
दिल्ली 
पोर्ट की गिरावट के असर व  मांग सुस्त पड़ने  से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 125 रुपए व देसी तुवर में 150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 7950 रुपए व देसी 8150/8250 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।  
महाराष्ट्र 
दाल मिलर्स की मांग कमजोर पड़ने से  इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा देखा गया और इस मंदे के साथ भाव  सप्ताहांत में  सोलापुर में 7400/7900 रुपये,अकोला 7950/8000 रुपए, लातूर में 7600/7700 रुपये, नागपुर 7950/8000 रुपये, बार्शी 7100/7600 रुपये हिंगणघाट 7500/8510 रुपए व उदगीर 7000/7700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कर्नाटक   
बिकवाली बढ़ने व लिवाली कमजोर पड़ने से  चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट  के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7500/8200 रुपए रायचूर 7435/7789 रुपए बीदर 7479/7929 रुपए व तालिकोट 6500/7701 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।    
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली सुस्त पड़ने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 100/300 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 7950/8050 रुपए जबलपुर 5000/7500 रुपए पिपरिया 5000/7000 रुपए व करेली 4949/7000 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। 
अन्य 
चौतरफा गिरावट के असर व ग्राहकी कमजोर पड़ने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 250 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी के साथ भाव सप्ताहांत  में 7900/8150 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 350 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट  देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7500 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
तुवर  दाल 
तुवर की गिरावट  के असर व मांग शांत पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 200/3200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज किया गया और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11350/12100 रुपए, कटनी फटका 11100/11300 रुपए, अकोला 11100/12500 रुपए,लातूर फटका 11800/12000 रुपए, गुलबर्गा फटका 11400/12100 रुपए व कानपुर फटका 12000/12100 रुपए प्रति क्विंटल रह  गयी।