साप्ताहिक समीक्षा-तुवर
13-Jun-2026 08:28 PM
बिकवाली के दबाव और कमजोर मांग से तुवर में गिरावट जारी, कमजोर मानसून पर बाजार की नजर
मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान तुवर बाजार में गिरावट का रुख लगातार बना रहा। बढ़ती बिकवाली और ग्राहकी के अभाव के कारण तुवर की कीमतों पर दबाव बना रहा। तुवर दाल की मांग अपेक्षाकृत कमजोर रहने से दाल मिलों की खरीदारी सुस्त बनी हुई है, जिससे बाजार में लिवाली का माहौल नहीं बन पा रहा है। खुदरा और थोक दोनों स्तरों पर मांग कमजोर बनी हुई है। तुवर दाल में उठाव अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंचने के कारण मिलर्स केवल जरूरत के अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। परिणामस्वरूप बाजार में खरीदारों की सक्रियता सीमित है और कीमतों में नरमी का दौर जारी है। बाजार पर दबाव बढ़ाने वाला एक अन्य प्रमुख कारण आयातित तुवर की पर्याप्त उपलब्धता है। आयातित माल की निरंतर आपूर्ति से घरेलू बाजार में आपूर्ति का दबाव बना हुआ है, जिसके चलते कीमतों को समर्थन नहीं मिल पा रहा है। हालांकि बाजार की निगाहें अब मानसून और नई फसल की बिजाई पर टिकी हुई हैं। तुवर उत्पादक क्षेत्रों में अब तक बारिश की स्थिति संतोषजनक नहीं रही है। यदि आने वाले दिनों में मानसून कमजोर रहता है तो तुवर की बुवाई प्रभावित हो सकती है, जिससे भविष्य में आपूर्ति संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर मानसून की स्थिति में स्टॉकिस्टों और दाल मिलों की खरीदारी बढ़ सकती है। ऐसी परिस्थिति में बाजार की धारणा मजबूत हो सकती है और तुवर की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल कमजोर मांग और पर्याप्त उपलब्धता के कारण बाजार दबाव में है, लेकिन मौसम की स्थिति आगे की दिशा तय करेगी। आयातकों की बिकवाली का दबाव बढ़ने तथा मांग कमजोर पड़ने से मुंबई अफ्रीकन तुवर की कीमतों में चालू सप्ताह के दौरान 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। सप्ताहांत में मोजाम्बिक सफेद के भाव 6100 रुपए, गजरी 6000 रुपए, मटवारा 5800 रुपए, मलावी 5750 रुपए तथा सूडान 7750 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। वहीं दूसरी ओर चेन्नई बाजार में तुवर लेमन की कीमतों में भी इस सप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा देखा गया, जिसके बाद सप्ताहांत में भाव 7550 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
आयातित
निर्यात मांग सुस्त बनी रहने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 5 डॉलर प्रति टन की नरमी दर्ज की गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में 835 डॉलर प्रति टन रह गयी। दिल्ली
पोर्ट की गिरावट के असर व मांग सुस्त पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 25 रुपए व देसी तुवर में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 7925 रुपए व देसी 8200/8300 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
महाराष्ट्र
दाल मिलर्स की मांग कमजोर पड़ने से इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 50/100 रुपए प्रति क्विंटल का मंदा देखा गया और इस मंदे के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर में 7400/7850 रुपये,अकोला 7950/8050 रुपए, लातूर में 7600/7700 रुपये, नागपुर 7950/8025 रुपये, बार्शी 7500/7700 रुपये हिंगणघाट 7200/8350 रुपए व उदगीर 7000/7700 रुपये प्रति क्विंटल रह गए।
कर्नाटक
बिकवाली बढ़ने व लिवाली कमजोर पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 25/50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7400/8000 रुपए रायचूर 7017/7739 रुपए बीदर 7400/7878 रुपए व तालिकोट 6226/7719 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली सुस्त पड़ने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50/100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 8000/8100 रुपए जबलपुर 5000/7000 रुपए पिपरिया 5500/7150 रुपए व करेली 5000/7100 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
अन्य
चौतरफा गिरावट के असर व ग्राहकी कमजोर पड़ने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में 7900/8150 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी। इसी प्रकार कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7400 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
तुवर दाल
तुवर की गिरावट के असर व मांग शांत पड़ने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 100 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज किया गया और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11350/12100 रुपए, कटनी फटका 11100/11300 रुपए, अकोला 11100/12500 रुपए,लातूर फटका 11800/12000 रुपए, गुलबर्गा फटका 11400/12100 रुपए व कानपुर फटका 12000/12100 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
