साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल
13-Jun-2026 08:14 PM
कम आपूर्ति एवं सामान्य कारोबार से धान-चावल के दाम में सुधार
नई दिल्ली। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से बासमती धान तथा 'ए' ग्रेड के गैर बासमती धान की सीमित आवक हो रही है जबकि मिलर्स एवं निर्यातकों की मांग के अनुरूप इसका दाम घटता-बढ़ता रहता है।
दिल्ली
6-12 जून वाले सप्ताह के दौरान नरेला (दिल्ली), भाटापाड़ा एवं राजिम (छत्तीसगढ़), कोटा एवं बूंदी (राजस्थान) तथा शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) जैसी मंडियों में ही धान की आपूर्ति हुई और इसकी विभिन्न श्रेणियों तथा किस्मों के दाम में थोड़ी-बहुत तेजी-दर्ज की गई। नरेला मंडी में 1000-2000 बोरी धान औसतन रोजाना पहुंचा और थोड़ा-बहुत कारोबार होने से दाम भी 25-75 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों में धान की अच्छी आवक हो रही है। आलोच्य सप्ताह के दौरान भाटापाड़ा में रोजाना 7500 बोरी तथा राजिम में 9000 बोरी धान की आवक हुई। राजिम में भाव कुछ तेज रहा जबकि भाटापाड़ा में स्थिर देखा गया। शाहजहांपुर में 1000 बोरी तथा जहांगीराबाद में 300 बोरी धान की दैनिक आवक हुई और सामान्य कारोबार के बीच भाव मजबूत बना रहा। जहांगीराबाद में 1509 धान का भाव 300 रुपए बढ़कर 3620 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। इसी तरह बूंदी मंडी में रोजाना 2000 बोरी तथा कोटा में 550-650 बोरी धान की आवक हुई। कोटा में भाव स्थिर रहा मगर बूंदी में 100 रुपए नरम पड़ गया।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों के आवागमन में अनिश्चितता का माहौल बरकरार रहने से पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारत से इसका निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हो रहा है। इसके फलस्वरूप कुछ महत्वपूर्ण केन्द्रों में भाव स्थिर बना हुआ है जबकि कुछ केन्द्रों के इसमें नरमी भी देखी जा रही है।
पंजाब / उत्तराखंड
पंजाब में चावल का दाम 150-250 रुपए प्रति क्विंटल घट गया। लेकिन उत्तराखंड की नगर मंडी में चावल की अच्छी मांग देखी गई जिससे कीमतों में 200-250 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार आ गया। वहां अधिकांश किस्मों एवं श्रेणियों के चावल में तेजी देखी गई।
राजस्थान / दिल्ली
लेकिन इसके विपरीत बूंदी मंडी में चावल का कारोबार एवं भाव नरम देखा गया। यही स्थिति दिल्ली के नया बाजार में रही जहां लगभग सभी किस्मों / श्रेणियों के चावल की मांग कमजोर रही और कीमतों में 150-200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट आ गई। अन्य मंडियों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया।
