साप्ताहिक समीक्षा- तुवर
14-Aug-2026 08:23 PM
कम बुवाई और अनियमित मानसून से तुवर बाजार को समर्थन की संभावना
नई दिल्ली। मांग में सुधार होने से चालू सप्ताह के दौरान तुवर की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। दूसरी ओर, मानसून की अनियमितता के कारण कर्नाटक और महाराष्ट्र में इस वर्ष तुवर की बुवाई समय पर नहीं हो सकी, जिसके चलते कुल बुवाई क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में कम रहा है। कई प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मानसून अभी भी अनियमित बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब तक 40.31 लाख हेक्टेयर में तुवर की बुवाई हुई है, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में 42.08 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी। इस प्रकार चालू सीजन में तुवर का बुवाई क्षेत्र पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 1.70 लाख हेक्टेयर कम चल रहा है। पिछले कई दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण फसल में नमी की कमी का असर भी दिखाई देने लगा है। कम बुवाई क्षेत्र, देरी से बुवाई और अनियमित मानसून—ये तीनों परिस्थितियां तुवर की नई फसल के लिए प्रतिकूल मानी जा रही हैं। इससे फसल की उत्पादकता प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए नई तुवर फसल की उत्पादकता सामान्य से कम रहने की संभावना है। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त और समान रूप से बारिश नहीं हुई, तो उत्पादकता के साथ-साथ कुल उत्पादन का अनुमान भी और नीचे जा सकता है। कम उत्पादन की स्थिति में आगामी महीनों में नई तुवर की मंडी आवक सीमित रहने की संभावना है। इससे तुवर बाजार को आगे चलकर समर्थन मिल सकता है और कीमतों में मजबूती की संभावना बन सकती है। हालांकि, नई फसल के उत्पादन का अंतिम आकलन आगामी दिनों में होने वाली बारिश, फसल की वर्तमान स्थिति और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। आयातकों की बिकवाली कमजोर पड़ने व मांग बढ़ने से मुंबई अफ्रीकी तुवर के भाव सप्ताहभर में 50/100 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए। सप्ताहांत में मोजाम्बिक सफेद 6050/ 6100 रुपये, गजरी 5950/6000 रुपये, मटवारा 5850/5900 रुपये, मलावी 5650/5700 रुपये तथा सूडान 8100/8150 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। इसी प्रकार चेन्नई में लेमन तुवर के भाव 100 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और सप्ताहंत में 7700 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।
आयातित
निर्यातकों की बिकवाली बढ़ने व निर्यात मांग सुस्त पड़ने से बर्मा तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 5 डॉलर प्रति टन की नरमी देखी गयी और इस नरमी के साथ भाव सप्ताहांत में 840 डॉलर प्रति टन रह गयी।
दिल्ली
ग्राहकी सुस्त बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली तुवर लेमन में 75 रुपए व देसी तुवर में 100 रुपए प्रति क्विंटल की मंदी दर्ज की गयी और इस मंदी के साथ भाव सप्ताहांत में लेमन 8050 रुपए व देसी 8300/8350 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
महाराष्ट्र
स्टाकिस्टों की बिकवाली कमजोर पड़ने व दाल मिलर्स की मांग में सुधार होने से इस साप्ताह महाराष्ट्र तुवर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त देखी गयी और इस बढ़त के साथ भाव सप्ताहांत में सोलापुर में 7400/8200 रुपये,अकोला 8300/8350 रुपए, लातूर में 8000/8050 रुपये, नागपुर 8350/8400 रुपये, बार्शी 7100/7500 रुपये हिंगणघाट 7800/8600 रुपए व अहमदनगर 7900/8100 रुपये प्रति क्विंटल हो गए।
कर्नाटक
लिवाली कमजोर पड़ने चालू साप्ताह के दौरान कर्नाटक तुवर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गयी और इस गिरावट के साथ भाव सप्ताहांत में गुलबर्गा 7800/8300 रुपए रायचूर 5875/7759 रुपए बीदर 7057/8125 रुपए व तालिकोट 7488/7911 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
मध्य प्रदेश
दाल मिलर्स लिवाली बढ़ने से मध्य प्रदेश तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी देखी गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में कटनी 8400/8500 रुपए जबलपुर 5000/7200 रुपए पिपरिया 5500/7000 रुपए व करेली 6600/7३९० रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।
अन्य
चौतरफा तेजी के समर्थन व मांग में सुधार होने से रायपुर तुवर की कीमतों में इस साप्ताह 50 रुपए प्रति क्विंटल की सुधार के साथ भाव सप्ताहांत में 8300/8550 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। कानपुर तुवर की कीमतों में भी इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की घट बढ़ देखी गयी और सप्तहांत में भाव 7300 रुपए प्रति क्विंटलपर स्थिर रह गयी।
तुवर दाल
मांग में सुधार होने से चालू साप्ताह के दौरान तुवर दाल की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गयी और इस तेजी के साथ भाव सप्ताहांत में दिल्ली फटका 11750/12250 रुपए, कटनी फटका 11200/11500 रुपए, अकोला 11100/12400 रुपए,लातूर फटका 12100/12300 रुपए, गुलबर्गा फटका 100/12200 रुपए व कानपुर फटका 11600/11700 रुपए प्रति क्विंटल रह गयी।
