साप्ताहिक समीक्षा-धान-चावल

07-Dec-2024 07:54 PM

मंडियों में आवक बढ़ने से धान के दाम में नरमी 

नई दिल्ली। देश के सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीफ कालीन धान की आपूर्ति बढ़ने लगी है जिससे कीमतों में 28 नवम्बर-4 दिसम्बर वाले सप्ताह के दौरान 100-200 रुपए प्रति क्विंटल की नरमी दर्ज की गई। 
दिल्ली 
दिल्ली की नरेला मंडी में 28 नवम्बर को धान की आवक बढ़कर 80 हजार बोरी पर पहुंच गई थी मगर बाद में यह घटकर 35-40 हजार बोरी रह गई। इस मंडी में 1718 धान का दाम 200 रुपए तेज होकर 3550 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा मगर सुगंधा का भाव 125 रुपए गिरकर 2400 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। नजफगढ़ मंडी में भी 10-15 हजार बोरी धान रोजाना पहुंचने लगा है। कीमतों में नरमी देखी जा रही है। 
छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों में सामान्य आवक के बीच धान के दाम में 25-50 रुपए की गिरावट रही। पंजाब के अमृतसर में 30 हजार बोरी धान की दैनिक आवक के बीच 1121 का भाव 215 रुपए घटकर 3600/4150 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। वहां तरन तारन मंडी में भी 28-30 हजार बोरी धान की आपूर्ति हुई लेकिन कीमतों में मिश्रित रुख देखा गया। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की एटा मंडी में विभिन्न किस्मों के धान की कीमतों में 100-150 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। मैनपुरी एवं जहांगीराबाद में भी यही स्थिति रही। उत्तर प्रदेश की अन्य मंडियों- शाहजहांपुर, अलीगढ, खैर एवं कौशाम्बी में धान की कीमतों में नरमी का ही माहौल रहा क्योंकि आवक अधिक मात्रा में होने लगी है।
चावल  
जहां तक चावल का सवाल है तो दिसावरी व्यापारियों की मांग कमजोर है अगर कुछ मंडियों में निर्यातकों की सक्रियता बनी हुई है। कर्नाटक के रायचूर में आमतौर पर चावल का भाव 100 से 300 रुपए तक नरम रहा जबकि एकाध किस्मों में 700 रुपए प्रति क्विंटल तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। अमृतसर में भी चावल का भाव 100 से 250 रुपए तक नरम रहा। दिल्ली के नया बाजार में 1509 सेला चावल का दाम 200 रुपए बढ़कर 5600/5800 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंचा जबकि 1401 स्टीम चावल का भाव 300 रुपए घटकर 6300/6500 रुपए  प्रति क्विंटल पर अटक गया। अन्य किस्मों में 100-200 रुपए की गिरावट रही। सरकार ने गैर बासमती चावल का निर्यात पूरी तरह खोल दिया है और वैश्विक बाजार में इसकी मांग भी मजबूत बनी हुई है। आगे चावल का दाम कुछ सुधर सकता है।