साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल
10-Jan-2026 08:39 PM
सामान्य कारोबार के बीच धान-चावल के दाम में सीमित उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। घरेलू मंडियों में धान की सामान्य आवक हो रही है और मिलर्स-प्रोसेसर्स इसकी थोड़ी-बहुत खरीद भी कर रहे हैं। इसके फलस्वरूप 3-9 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा गया।
दिल्ली
दिल्ली की नरेला मंडी में आमतौर पर 8 से 12 हजार बोरी के बीच धान की दैनिक आवक हुई जबकि 8 जनवरी के को आवक उछलकर 30 हजार बोरी पर पहुंच गई। नजफगढ़ मंडी में औसतन 3 हजार बोरी धान रोजाना आया। नरेला मंडी में धान का भाव कुछ तेज तथा नजफगढ़ मंडी में कुछ नरम रहा। अनेक राज्यों में अभी खरीफ कालीन धान की आपूर्ति हो रही है। इसमें से बासमती की खरीद उद्योग-व्यापार क्षेत्र द्वारा तथा गैर बासमती या समान्य श्रेणी के धान की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
बासमती धान
अधिकांश मंडियों में बासमती एवं 'ए' ग्रेड धान का दाम या तो स्थिर रहा या उसमें मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। ईरान तथा अमरीका में बासमती चावल का निर्यात शिपमेंट प्रभावित होने की आशंका से बासमती धान की कीमतों पर आंशिक रूप से दबाव पड़ रहा है। पंजाब-हरियाणा की मंडियों में धान की नगण्य आवक हो रही है और वहां इसकी सरकारी खरीद पहले ही समाप्त हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश
लेकिन उत्तर प्रदेश के एटा, मैनपुरी, शाहजहांपुर, जहांगीराबाद, अलीगढ़ तथा खैर आदि में बासमती धान की अच्छी आपूर्ति का सिलसिला अभी जारी है। मांग तथा आपूर्ति के अनुरूप धान की कीमतों में कहीं तेजी तो कहीं नरमी रही।
राजस्थान
राजस्थान की कोटा एवं बूंदी मंडी में धान की जोरदार आवक हुई लेकिन इसके अनुरूप लिवाली नहीं होने से कीमतों में 250 रुपए प्रति क्विंटल तक की गिरावट दर्ज की गई।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो इसका कारोबार 3-9 जनवरी वाले सप्ताह के दौरान कुछ कमजोर देखा गया। हालांकि डॉलर के मुकाबले रुपया का भारी अवमूल्यन होने से भारतीय चावल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में काफी हद तक प्रतिस्पर्धी स्तर पर बरकरार है मगर आपूर्ति की अधिकता के कारण विदेशी आयातक इसकी खरीद में जल्दबाजी नहीं दिखा रहे हैं। भारतीय चावल का निर्यात प्रदर्शन भी सामान्य है। घरेलू प्रभाग में पर्याप्त मात्रा में चावल का स्टॉक उपलब्ध है जिससे कीमतों में स्थिरता का माहौल बना हुआ है।
