साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल

07-Feb-2026 08:24 PM

धान की खरीद में मिलर्स-प्रोसेसर्स की अच्छी दिलचस्पी- चावल का भाव तेज

नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में खरीफ कालीन धान की आपूर्ति कम होने तथा राइस मिलर्स / प्रोसेसर्स की मांग मजबूत रहने से खासकर बासमती श्रेणी के दाम में 31 जनवरी 6 फरवरी वाले सप्ताह के दौरान अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। वैश्विक बाजार में भारतीय चावल की मांग एक बार फिर बढ़ने लगी है। मुस्लिम बहुल देशों में बासमती चावल का निर्यात बढ़ने की उम्मीद है इसलिए निर्यातक यथा संभव इसका स्टॉक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 8-10 हजार बोरी धान की औसत दैनिक आवक हुई और 1509 हैण्ड का भाव 150 रुपए तथा ताज का दाम 110 रुपए प्रति क्विंटल तेज रहा। नजफगढ़ मंडी में 2-3 हजार बोरी धान की रोजाना आवक हुई जबकि 1121 हैण्ड के दाम में 100 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडी में सामान्य आवक एवं सीमित कारोबार के साथ धान का भाव लगभग स्थिर बना रहा। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की विभिन्न मंडियों- एटा, मैनपुरी, जहांगीराबाद, शाहजहांपुर, अलीगढ़ एवं खैर आदि में धान की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है और खरीदारों की मजबूत मांग से कीमतों में अच्छी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
हरियाणा 
हरियाणा की तरावड़ी मंडी में 2-4 हजार बोरी की दैनिक की आपूर्ति के साथ धान की कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया। उधर राजस्थान की कोटा एवं बूंदी मंडी में अलग-अलग 20-30 हजार बोरी एवं 30-40 हजार बोरी धान की रोजाना भारी आवक हुई लेकिन खरीदारों की मजबूत लिवाली से कीमतों में 200 से 400 रुपए प्रति क्विंटल तक की जोरदार बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। 
चावल 
जहां तक चावल का सवाल है तो पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका में इसकी मांग मजबूत बनी हुई है। रुपए के अवमूल्यन से विदेशी खरीदारों के लिए भारतीय चावल काफी आकर्षक प्रतीत हो रहा है। 
भाटापाड़ा 
वैसे समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान भाटापाड़ा में श्रीराम चावल का भाव 400 रुपए तथा विष्णु भोग का दाम 500 रुपए प्रति क्विंटल तक घट गया लेकिन अन्य अधिकांश मंडियों में इसके मूल्य में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का इजाफा दर्ज किया गया। निकट भविष्य में चावल की कीमतों में ज्यादा गिरावट आने की संभावना नहीं है। बासमती चावल का भाव कुछ सुधर सकता है।